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कटनी में जनता के विरोध के बावजूद पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू

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इससे स्थानीय युवाओं को डॉक्टरी शिक्षा के बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है। हालांकि, पीपीपी मॉडल को लेकर जनता में व्याप्त असंतोष अभी भी बना हुआ है।

इससे स्थानीय युवाओं को डॉक्टरी शिक्षा के बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है। हालांकि, पीपीपी मॉडल को लेकर जनता में व्याप्त असंतोष अभी भी बना हुआ है।

कटनी में जनता के विरोध के बावजूद पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरूकटनी (ब्यूरो): जनता के लगातार विरोध के बावजूद कटनी में पीपी माडल पर ही मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। कछगवां क्षेत्र के पास 25 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित यह मेडिकल कॉलेज पीपीपी (PPP) मॉडल पर बनाया जा रहा है। नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना का काम तेजी से चल रहा है।

निर्माण कार्य की मौजूदा स्थितिस्थानीय सूत्रों और मजदूरों के अनुसार, फिलहाल साइट पर बाउंड्री वॉल (परिसीमा दीवार) का निर्माण जोरों पर है। इस ठेके को मोहम्मद तमीम खान को सौंपा गया है, जबकि काम किन्हीं डॉ. कपूर द्वारा करवाया जा रहा है।बैचिंग प्लांट लगाया जा चुका है।

लोहा, रेत समेत अन्य निर्माण सामग्री की बड़ी मात्रा जमा कर ली गई है।मजदूरों के रहने के लिए क्वार्टर भी तैयार कर दिए गए हैं।समयरेखा:वर्तमान: बाउंड्री वॉल निर्माण जारी22 मई के बाद: मुख्य भवन निर्माण कार्य शुरू होने की संभावनाहालांकि, निर्माण स्थल पर अभी ड्राइंग और डिजाइन की आधिकारिक कॉपी उपलब्ध नहीं होने की जानकारी सामने आई है।जनता का विरोध और राजनीतिक पृष्ठभूमिकटनीवासियों ने इस परियोजना का शुरू से ही विरोध किया है। मेडिकल कॉलेज के भूमिपूजन के लिए दो बार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आने का कार्यक्रम तय हुआ था, लेकिन दोनों बार वे कटनी नहीं पहुंचे।

इसके बावजूद अब बिना किसी औपचारिक घोषणा के अचानक निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।स्थानीय लोगों की मुख्य मांग है कि मेडिकल कॉलेज शासकीय (सरकारी) मोड में बने, न कि पीपीपी मॉडल पर। उनका कहना है कि मेडिकल कॉलेज जरूरी है, लेकिन इसे पूरी तरह सरकारी बनाया जाना चाहिए।भविष्य की संभावनाएंयह परियोजना कटनी जिले में चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

इससे स्थानीय युवाओं को डॉक्टरी शिक्षा के बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है। हालांकि, पीपीपी मॉडल को लेकर जनता में व्याप्त असंतोष अभी भी बना हुआ है।

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