*भोपाल, 30 मई 2026*: प्रदेश के सरकारी स्कूल 16 जून से खुलने वाले हैं, लेकिन लाखों बच्चों की यूनिफॉर्म का पेंच अब तक नहीं सुलझा। स्कूल शिक्षा विभाग और शासन यह तय नहीं कर पाया है कि इस बार छात्रों को सिली-सिलाई गणवेश मिलेगी या पहले की तरह 600 रुपये खाते में जाएंगे।नतीजा – सत्र की शुरुआत में हजारों छात्र-छात्राएं ड्रेस की जगह आम कपड़ों में स्कूल पहुंचेंगे। सबसे ज्यादा दिक्कत नर्सरी और पहली क्लास में नए दाखिले लेने वाले बच्चों को होगी, जिनके पास पुरानी यूनिफॉर्म भी नहीं है।*सिलाई यूनिफॉर्म की योजना फंसी* शासन ने इस साल कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को तैयार यूनिफॉर्म देने की तैयारी की थी।
बैंक खाते में पैसा भेजने की व्यवस्था खत्म करने का विचार भी था। लेकिन यूनिफॉर्म बनवाने और बांटने के लिए टेंडर प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हो सकी। ऐसे में 16 जून तक गणवेश पहुंचना मुश्किल लग रहा है।*खाते में पैसा आने में होती है देरी* पिछले सालों में सरकार हर बच्चे को 2 जोड़ी यूनिफॉर्म के लिए 600 रुपये सीधे बैंक खाते में भेजती रही है। दिक्कत ये कि राशि अक्सर सत्र के आखिर में पहुंचती थी। कई बच्चे पूरा साल बिना यूनिफॉर्म के पढ़ाई करते रहे।*360 करोड़ का सालाना खर्च* MP के सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक करीब 60 लाख बच्चे पढ़ते हैं। 600 रुपये प्रति छात्र के हिसाब से सरकार हर साल लगभग 360 करोड़ रुपये यूनिफॉर्म सहायता पर खर्च करती है।
अब सबकी नजरें शासन के अंतिम फैसले पर टिकी हैं। फैसला होते ही तय होगा कि बच्चों को इस साल तैयार ड्रेस मिलेगी या खाते में पैसा।
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