कटनी, मध्यप्रदेश। 23 अगस्त 2025 को मध्यप्रदेश माइनिंग कॉन्क्लेव के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव के कटनी आगमन की तैयारियां ज़ोर-शोर से चल रही हैं। जिला प्रशासन ने रातों-रात उन कार्यों को अंजाम देना शुरू कर दिया, जो वर्षों से लंबित थे। सड़कों की मरम्मत, रेलिंगों पर चमकता रंग, और शहर की साफ-सफाई—यह सब कुछ घंटों में हो रहा है, जो आम जनता के लिए वर्षों की प्रतीक्षा के बाद भी अधूरा था। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या यह विकास का असली चेहरा है, या मात्र एक दिखावा?लीपापोती का विकासकटनी की जनता ने बताया कि केवल उन सड़कों की मरम्मत हो रही है, जिनसे मुख्यमंत्री का काफिला गुज़रने वाला है। पुलिस लाइन हेलीपैड मार्ग से लेकर माधवनगर तक के गड्ढों को जल्दबाज़ी में डामर और डस्ट से भरा जा रहा है। वर्षों से धूल खा रही रेलिंगों को चटक रंगों से सजाया जा रहा है। यह सब देखकर स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह विकास नहीं, बल्कि लीपापोती का खेल है। आम जनता के लिए उपेक्षित पड़ी सड़कों को सुधारने की कोई योजना नहीं दिखती, सिवाय उन मार्गों के, जो “खास” लोगों के लिए हैं।वीआईपी कल्चर का नया रूपमुख्यमंत्री की पार्टी ने वीआईपी कल्चर को खत्म करने का वादा किया था। लाल बत्तियों को हटाकर इसे अमल में भी लाया गया। लेकिन कटनी की सड़कों पर लागू यातायात प्रतिबंध यह सवाल उठाते हैं कि क्या वीआईपी कल्चर वाकई खत्म हुआ है? मुख्यमंत्री के दौरे के लिए शहर के प्रमुख मार्गों को सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। माधवनगर गेट से विश्राम बाबा गेट तक का मार्ग “नो व्हीकल ज़ोन” घोषित कर दिया गया है। वैकल्पिक मार्गों—जैसे माधवनगर गेट से पंचायत तिराहा, टांगा स्टैंड, आहूजा कॉलोनी, और इमलिया होते हुए पीरबाबा तक—के ज़रिए जनता को घुमाया जा रहा है।स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर मुख्यमंत्री जनता के बीच से चुनकर आए हैं, तो फिर सड़कों को साझा क्यों नहीं किया जा सकता? यह कैसी व्यवस्था है, जहां आम आदमी को अपने ही शहर में परेशानी उठानी पड़ रही है, सिर्फ इसलिए कि “खास” लोग आ रहे हैं?जनता की पुकार: समानता चाहिएकटनी के रहवासियों की मांग साफ है—मुख्यमंत्री जी, रोज़ आइए, लेकिन आम और खास का अंतर मिटाइए। शहर की हर गली, हर सड़क को वैसी ही प्राथमिकता दी जाए, जैसी मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान दी जा रही है। विकास का लाभ तभी सार्थक होगा, जब वह हर नागरिक तक पहुंचे, न कि केवल खास अवसरों पर खास मार्गों तक सीमित रहे।जनता यह भी पूछ रही है कि अगर प्रशासन इतनी तेज़ी से सड़कों को ठीक कर सकता है, तो फिर वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान क्यों नहीं होता? क्या इसके लिए हर बार मुख्यमंत्री के दौरे का इंतज़ार करना होगा? सच्चा सुशासन चाहिएमुख्यमंत्री मोहन यादव का माइनिंग कॉन्क्लेव में आगमन कटनी के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर हो सकता है। लेकिन यह अवसर तभी सार्थक होगा, जब प्रशासन का ध्यान केवल दिखावे तक सीमित न रहे। सच्चा सुशासन वही है, जो आम जनता की ज़रूरतों को प्राथमिकता दे, न कि केवल खास लोगों के लिए सड़कों को चमकाए।मुख्यमंत्री जी, कटनी की जनता आपसे यही अपील करती है—रोज़ आइए, हर गली में घूमिए, और हर सड़क को वैसी ही चमक दीजिए, जैसी आपके स्वागत के लिए दी जा रही है। तभी सही मायनों में विकास होगा, और आम-खास का अंतर मिटेगा।
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