Katni news कटनी नगर निगम क्षेत्र में जलकर पर चक्रवृद्धि ब्याज खत्म!जनता को बड़ी राहत, लेकिन संपत्ति कर बढ़ोतरी पर सियासत तेज, लोगों ने कहा ऐसे लोग ले रहे श्रेय जिनका कोई योगदान नहीं

नगर निगम आयुक्त (कमिश्नर) के प्रयासों से MIC (म्यूनिसिपल इंटरनल कमेटी) में प्रस्ताव पारित कर चक्रवृद्धि ब्याज को खत्म कर दिया गया।

2013 तत्कालीन महापौर श्रीमती निर्मला पाठक थीं। उस समय ही सारी प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी, कुछ ही तकनीकी पहलू बचे थे, जिन्हें अब सुलझाया गया


कटनी, 8 अप्रैल 2026 – वर्षों पुरानी मांग आखिरकार पूरी हो गई। कटनी नगर निगम क्षेत्र में जलकर (वाटर टैक्स) पर लगाए जा रहे चक्रवृद्धि ब्याज को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। इस फैसले से आम जनता, खासकर गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिली है। 2013 से लगातार उठाई जा रही यह मांग अब जाकर पूरी हुई, जिससे नागरिकों में खुशी का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, 2013 से ही सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि इस मुद्दे को लगातार उठाते रहे थे। उस समय तत्कालीन महापौर श्रीमती निर्मला पाठक थीं। उस समय ही सारी प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी। कुछ मुद्दे बचे थे। इन तकनीकी पहलुओं को आईएएस तपस्या परिहार ने सुलझा लिए। समाजसेवी इंद्र मिश्रा ने भी इस मामले को प्रमुखता से उठाया और प्रशासन तक पहुंचाया। हाल ही में नगर निगम आयुक्त (कमिश्नर) के प्रयासों से MIC (म्यूनिसिपल इंटरनल कमेटी) में प्रस्ताव पारित कर चक्रवृद्धि ब्याज को खत्म कर दिया गया।
सियासत तेज, श्रेय को लेकर विवाद
इस राहत भरे फैसले के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष का कहना है कि यह किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। वहीं, कुछ जनप्रतिनिधियों ने इसे अपना करिश्मा बताने की कोशिश की है।
एक स्थानीय जनप्रतिनिधि ने बताया, “मैं इस मुद्दे को काफी समय से उठा रहा था। कमिश्नर महोदया के आने के बाद उम्मीद जागी। मैंने महापौर, नगर निगम अध्यक्ष मनीष पाठक और कमिश्नर महोदया को पत्र लिखा। उन्होंने तुरंत संज्ञान लिया और MIC में प्रस्ताव रखा, जिसे पारित कर दिया गया।”
संपत्ति कर बढ़ोतरी का नया बोझ
राहत के साथ ही एक नया विवाद भी खड़ा हो गया है। नागरिकों का आरोप है कि जलकर में चक्रवृद्धि ब्याज खत्म करने के साथ-साथ संपत्ति कर (प्रॉपर्टी टैक्स) में भारी बढ़ोतरी कर दी गई है, जिससे आम जनता पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
पहले संपत्ति कर ₹90 था, जो बाद में ₹800, फिर ₹1600, ₹2345 और अब ₹3200 तक पहुंच गया है। कई गरीब परिवारों के पानी के कनेक्शन सालों पहले काट दिए गए थे। अब 15-20 साल पुराने बिल भेजे जा रहे हैं, जिसे लेकर भी निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
जनता की प्रतिक्रिया
नागरिकों का कहना है कि चक्रवृद्धि ब्याज (जिसे लोग ‘गुंडा टैक्स’ या ‘जजिया टैक्स’ कहते थे) खत्म होने से गरीब परिवारों को सच्चा लाभ मिलेगा। लेकिन संपत्ति कर की बढ़ोतरी से राहत का ज्यादातर फायदा खत्म हो रहा है।
नगर निगम प्रशासन से अब जनता की मांग है कि जलकर में दी गई राहत को संपत्ति कर बढ़ोतरी से ऑफसेट न किया जाए।
यह फैसला आम जनता के लिए सकारात्मक कदम है, लेकिन सही क्रियान्वयन और संपत्ति कर पर लगाम लगाए बिना इसका पूरा फायदा नहीं पहुंच पाएगा।

admin

Recent Posts

ईद-उल-अजहा को लेकर कटनी पुलिस अलर्ट, यातायात और सुरक्षा व्यवस्थाओं का सख्त निरीक्षण

कटनी पुलिस ने आमजन से अनुरोध किया है कि ईद के मौके पर यातायात नियमों…

13 hours ago

पहरुआ में प्रशासन का सख्त एक्शन: 65 लाख की सरकारी भूमि पर अतिक्रमण जमींदोज, जेसीबी चली

अतिक्रमणकारियों के रसूख को चुनौती देने के संदेश के रूप में देखी जा रही है।…

13 hours ago

कटनी में दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर पर श्रद्धालु भीड़ को देखते हुए यातायात डायवर्जन प्लान लागू

यह व्यवस्था श्रद्धालु जनों की सुविधा के साथ-साथ पूरे शहर के सामान्य यातायात को सुचारू…

13 hours ago

कटनी में जनसुनवाई: कलेक्टर आशीष तिवारी ने 167 शिकायतकर्ताओं की सुनी समस्याएं, दिए त्वरित समाधान के निर्देश

यह जनसुनवाई जिला प्रशासन की जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशीलता और त्वरित समाधान की प्रतिबद्धता को…

13 hours ago

एन.के.जे. पुलिस की बड़ी सफलता: ओडिशा से ड्रग कार्टेल के दो और आरोपी गिरफ्तार

पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि जिले में नशीले…

13 hours ago

बिलहरी पुलिस ने हत्या के प्रयास के आरोपी को रात में जंगल से दबोचा

पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि गंभीर अपराधों में…

13 hours ago

This website uses cookies.