कटनी न्यूज जनगणना में रुकावट पड़ी तो होगी सख्त कार्रवाई, जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान
भोपाल। 20 जनवरी 2026 को आगामी जनगणना को समयबद्ध और व्यवस्थित रूप से पूरा कराने के लिए राज्य सरकार ने प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनगणना कार्य में सहयोग न करने या किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न करने पर संबंधित व्यक्ति पर 1,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है, वहीं गंभीर मामलों में तीन वर्ष तक की सजा का भी प्रावधान किया गया है।
जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश में जनगणना की प्रक्रिया दो चरणों में संपन्न की जाएगी। पहले चरण में वर्ष 2026 के अप्रैल से सितंबर माह के बीच मकानों और भवनों की गणना की जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण में जनवरी से फरवरी 2027 के दौरान डिजिटल तकनीक के माध्यम से जनसंख्या का आंकलन किया जाएगा।
केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत राज्य सरकार ने जनगणना कार्य के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय कर दी हैं। संभागीय स्तर पर संभागीय आयुक्त को जनगणना अधिकारी बनाया गया है, जबकि जिलों में कलेक्टर प्रमुख जनगणना अधिकारी होंगे।
कलेक्टर द्वारा अधिकृत अपर, संयुक्त अथवा डिप्टी कलेक्टर जिला जनगणना अधिकारी की भूमिका निभाएंगे। वहीं नगर क्षेत्रों में नगर निगम आयुक्त को नगर जनगणना अधिकारी नियुक्त किया गया है
राज्य सरकार ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना कर्मियों को सही जानकारी देकर पूर्ण सहयोग करें, ताकि जनसंख्या से जुड़े सटीक और विश्वसनीय आंकड़े समय पर उपलब्ध हो सकें।
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