कटनी।(राहुल झा की रिपोर्ट) 17 अगस्त 2025: कटनी नगर निगम (Katni Municipal Corporation) द्वारा हाल ही में जारी एक टेंडर (NIT) को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है। यह टेंडर कटनी शहर को “कचरा मुक्त शहर” बनाने के लिए ठोस कचरा प्रबंधन (Solid Waste Management) और जागरूकता अभियान चलाने हेतु किसी योग्य एजेंसी, कंपनी या एनजीओ को नियुक्त करने के लिए है। हालांकि, इस टेंडर को लेकर स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स ने कई गंभीर सवाल उठाए हैं, जिसमें इसे “स्वच्छता के नाम पर खेल” और “वित्तीय गड़बड़ी की साजिश” करार दिया जा रहा है।टेंडर का विवरणटेंडर नंबर: 2025-UAD-143876-1कार्य का नाम: ठोस कचरा प्रबंधन और जागरूकता अभियानअनुमानित लागत: 70,80,000 रुपयेईएमडी (जमानत राशि): 53,100 रुपयेबोली दस्तावेज की लागत: 10,000 रुपयेकार्य की अवधि: अनुबंध की तारीख से 12 महीनेपात्रता: केवल पंजीकृत कंपनी, एनजीओ, या प्रतिष्ठित फर्म, जो निर्धारित मानदंडों को पूरा करती हों, बोली लगा सकती हैं।बोली प्रक्रिया: ऑनलाइन, वेबसाइट http://www.mptenders.gov.in के माध्यम से।सोशल मीडिया पर बवाल: सवालों की बौछारसोशल मीडिया पर लोग इस टेंडर को लेकर नगर निगम की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं। मुख्य विवाद इस बात को लेकर है कि जब पहले से ही दो कंपनियां—साई विजन और MSW—कटनी में स्वच्छता और कचरा प्रबंधन का काम कर रही हैं, तो नए टेंडर की क्या जरूरत है?साई विजन कंपनी: यह कंपनी पहले से ही स्वच्छता जागरूकता का काम कर रही है, जिसके लिए नगर निगम नियमित भुगतान करता है।MSW कंपनी: यह कंपनी लंबे समय से डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन का कार्य कर रही है।नया टेंडर: लोगों का आरोप है कि यह टेंडर बिना किसी ठोस कारण के निकाला गया है, जिससे “वित्तीय गड़बड़ी” की आशंका जताई जा रही है।जनता के आरोप: “70 लाख रुपये का बंदरबांट”सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने दावा किया है कि इस टेंडर के जरिए हर साल लगभग 70 लाख रुपये की राशि का दुरुपयोग हो सकता है। सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि नगर निगम के कुछ अधिकारी किसी के इशारे पर “कागजी घोड़े दौड़ा रहे हैं” और यह टेंडर एक सुनियोजित “खेल” का हिस्सा हो सकता है। लोगों ने इसे “स्वच्छता के नाम पर गोलमाल” करार दिया है।जिम्मेदारों पर सवालपहले से मौजूद व्यवस्था: जब साई विजन और MSW जैसी कंपनियां पहले से ही स्वच्छता और कचरा प्रबंधन का काम कर रही हैं, तो नया टेंडर क्यों?पारदर्शिता की कमी: टेंडर की जरूरत और इसके पीछे की मंशा को लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है।वित्तीय हेरफेर का डर: स्थानीय लोगों का कहना है कि यह टेंडर अनावश्यक खर्च और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे सकता है।नगर निगम का पक्षअभी तक नगर निगम की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। टेंडर के अनुसार, इसका उद्देश्य कटनी को कचरा मुक्त शहर बनाना है, लेकिन मौजूदा स्वच्छता व्यवस्था के बावजूद इसकी आवश्यकता को लेकर कोई ठोस स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।जनता की मांगसोशल मीडिया पर लोगों ने मांग की है कि:टेंडर की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए।मौजूदा कंपनियों के प्रदर्शन की समीक्षा की जाए।अगर नया टेंडर जरूरी है, तो इसके पीछे का कारण स्पष्ट किया जाए।किसी भी तरह की वित्तीय अनियमितता को रोकने के लिए समय रहते कार्रवाई हो।
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