खनिज संसाधन विभाग के सचिव ने डीएमएफ कार्यों को लेकर दिए महत्वपूर्ण निर्देश
डीएमएफ की राशि का राज्य स्तर या अन्य जिलों में अंतरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।सभी डीएमएफ कार्यों का ऑडिट सीएजी सूचीबद्ध चार्टर्ड एकाउंटेंट तथा CAG द्वारा कराया जाएगा।
डीएमएफ की राशि का राज्य स्तर या अन्य जिलों में अंतरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।सभी डीएमएफ कार्यों का ऑडिट सीएजी सूचीबद्ध चार्टर्ड एकाउंटेंट तथा CAG द्वारा कराया जाएगा।

कटनी। प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना-2024 के नए नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए खनिज संसाधन विभाग के सचिव श्री आलोक सिंह एवं संचालक श्री फ्रैंक नोबल ने मंगलवार को सभी जिलों के कलेक्टर्स के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विस्तृत बैठक की।बैठक में भारत सरकार द्वारा डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (डीएमएफ) के नियमों में किए गए संशोधनों पर विस्तार से चर्चा की गई। कटनी जिले से कलेक्टर श्री आशीष तिवारी, जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, उपसंचालक खनिज रत्नेश दीक्षित सहित डीएमएफ शाखा के अधिकारी वर्चुअली जुड़े।मुख्य नए प्रावधान:14 मई 2026 को राजपत्र में अधिसूचना जारी कर नए नियम लागू किए गए हैं।
डीएमएफ की राशि से मुख्य खनिज की खदानों से 15 किमी की परिधि में प्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्र और 25 किमी की परिधि में अप्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्र में कार्य कराए जाएंगे।डीएमएफ की 70% राशि उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में और 30% अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में व्यय की जाएगी।उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में अब आवास, कृषि एवं पशुपालन को भी शामिल किया गया है।डीएमएफ की कुल वार्षिक प्राप्ति का 70% प्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्र में उपयोग अनिवार्य।यदि किसी जिले की वार्षिक डीएमएफ प्राप्ति 10 करोड़ रुपये से अधिक है, तो कुल राशि का 10% अक्षय निधि (Perpetual Fund) के रूप में रखा जाएगा।डीएमएफ कार्यों की पंचवर्षीय योजना तैयार कर जिला खनिज प्रतिष्ठान मंडल से अनुमोदन कराना होगा।
डीएमएफ की राशि का राज्य स्तर या अन्य जिलों में अंतरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।सभी डीएमएफ कार्यों का ऑडिट सीएजी सूचीबद्ध चार्टर्ड एकाउंटेंट तथा CAG द्वारा कराया जाएगा।
