शहडोल वन विभाग की बड़ी सफलता: अंतरराज्यीय पैंगोलिन तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, कटनी के 6 तस्कर गिरफ्तार, दो जिंदा पैंगोलिन बरामद

अधिकारी आमजन से अपील कर रहे हैं कि ऐसी अवैध गतिविधियों की सूचना तुरंत वन विभाग या वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो को दें, ताकि दुर्लभ प्रजातियों को बचाया जा सके

शहडोल/कटनी, 15 फरवरी 2026: मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के दक्षिण वनमंडल की विशेष टीम ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है।

रविवार को की गई संयुक्त ऑपरेशन में कटनी जिले के छह तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जिनके कब्जे से दो जिंदा पैंगोलिन (चिंकारा जैसी दुर्लभ प्रजाति) जब्त किए गए।

ये पैंगोलिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों-करोड़ों रुपये कीमत के बताए जा रहे हैं, जहां इनकी खाल, शल्क और अंगों की मांग अवैध दवा और अन्य उपयोगों के लिए होती है।

यह कार्रवाई 27 अक्टूबर 2025 को शहडोल के जैतपुर परिक्षेत्र में दर्ज एक पुराने पैंगोलिन तस्करी मामले की गहन जांच का नतीजा है। जांच के दौरान वन विभाग को पुख्ता सुराग मिले थे, जिसके आधार पर तस्कर नेटवर्क पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी।कार्रवाई के दो चरणपहले चरण में वन टीम ने दमोह जिले के सागौनी-कुश्मी मार्ग पर जाल बिछाया।

यहां बहोरीबंद (कटनी) निवासी प्रेमलाल राय (53 वर्ष) को एक जिंदा पैंगोलिन के साथ पकड़ा गया। पूछताछ में प्रेमलाल ने अपने साथियों और कटनी में सक्रिय नेटवर्क की जानकारी दी।दूसरे चरण में इसी जानकारी के आधार पर टीम ने शहडोल-कटनी मार्ग पर दबिश दी।

यहां एक बोरे में दूसरा जिंदा पैंगोलिन लिए पांच अन्य आरोपी ग्राहक का इंतजार कर रहे थे। वन अमले को देखते ही आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी कर सभी को पकड़ लिया गया।

गिरफ्तार आरोपी (सभी कटनी जिले के निवासी):मुन्ना सिंह (65 वर्ष), जगतपुर उमरियामोहन सिंह (60 वर्ष), जगतपुर उमरियाशिवप्रसाद विश्वकर्मा (53 वर्ष), कांटीसाबिर खान (48 वर्ष), लमतरा फाटकजयलाल केवट (67 वर्ष), खितौली बरहीप्रेमलाल राय (53 वर्ष), बहोरीबंदपैंगोलिन की संरक्षित स्थितिवन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पैंगोलिन वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत शेड्यूल-1 में शामिल है, जो बाघ के समान उच्चतम संरक्षित श्रेणी है।

इसकी तस्करी पर 7 साल तक की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है। पैंगोलिन दुनिया का सबसे अधिक तस्करी वाला स्तनधारी माना जाता है, जिसके शल्क (स्केल्स) और अंगों की चीन तथा दक्षिण-पूर्व एशिया में अवैध मांग है।

विभाग अब इस गिरोह के अंतरराष्ट्रीय संपर्कों, संभावित खरीदारों और बड़े नेटवर्क की गहन जांच कर रहा है। बरामद दोनों पैंगोलिन को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और उनकी रिहाई/संरक्षण की प्रक्रिया चल रही है।

यह सफलता वन्यजीव संरक्षण में मध्य प्रदेश वन विभाग की सतर्कता और समर्पण को दर्शाती है। अधिकारी आमजन से अपील कर रहे हैं कि ऐसी अवैध गतिविधियों की सूचना तुरंत वन विभाग या वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो को दें, ताकि दुर्लभ प्रजातियों को बचाया जा सके।

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