व्हाट्सएप लिंक क्लिक की भूल: कटनी में रेलकर्मी के खाते से पलभर में उड़े 87 हजार रुपयेकटनी, मध्य प्रदेश
| 1 फरवरी 2026 — डिजिटल युग में साइबर ठग अब इतने बेखौफ हो चुके हैं कि वे कलेक्ट्रेट जैसे हाई-सिक्योरिटी जोन के ठीक सामने भी लोगों को लूट रहे हैं। ताजा मामला कटनी जिले का है, जहाँ रेलवे के एक ईमानदार कर्मचारी सुशील हलदकार WhatsApp पर आए एक फर्जी लिंक पर क्लिक करते ही 87,000 रुपये की चपेट में आ गए।
ठगी की पूरी कहानी: कैसे बने शिकार?सुशील हलदकार रेलवे के डीजल शेड, कटनी में तैनात हैं। घटना उस समय घटी जब वे कटनी कलेक्ट्रेट के सामने वाले एटीएम से कैश निकालने पहुंचे थे।तभी उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आई। कॉलर ने खुद को सुशील का रिश्तेदार बताकर बात शुरू की। धीरे-धीरे विश्वास जीतते हुए उसने कहा:”मैंने तुम्हारे WhatsApp पर एक लिंक भेजा है। उसमें पैसा ट्रांसफर किया है, बस क्लिक करके ‘OK’ कर दो, पैसे क्रेडिट हो जाएंगे।
“भरोसे में आकर सुशील ने लिंक खोला और ‘OK’ दबाया।अगले ही पल उनके फोन पर एक के बाद एक डेबिट अलर्ट आने शुरू हो गए। जब बैलेंस चेक किया तो खाते से 87,000 रुपये गायब थे। कॉलर तब तक गायब हो चुका था।
तुरंत कार्रवाई: पुलिस-साइबर सेल अलर्टपीड़ित ने तुरंत:साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कीस्लीमनाबाद थाने पहुंचकर FIR की प्रक्रिया शुरू कराईथाना प्रभारी ने मामले को गंभीर मानते हुए कटनी साइबर सेल को सूचित किया। पीड़ित को राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की सलाह दी गई।
वर्तमान में पुलिस और साइबर एक्सपर्ट्स:ठग के मोबाइल नंबरबैंक ट्रांजेक्शन ट्रेलआईपी लोकेशनको ट्रैक कर रहे हैं।
जब गरीबों का राशन ही सुरक्षित नहीं, तो सरकारी योजनाओं का क्या फायदा?
जांच जारी है और बाकी माल की बरामदगी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया और उसके बयान दर्ज किए। जांच जारी है।
पीड़िता के परिवार और समाज से अपील है कि ऐसी घटनाओं में तुरंत पुलिस से…
पुलिस ने आश्वासन दिया है कि ऐसे तत्वों के खिलाफ आगे भी लगातार अभियान चलाए…
यह कथा न केवल सुनने का माध्यम है, बल्कि भक्ति, वैराग्य और धर्म के मार्ग…
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