कटनी में पालतू कुत्ते के हमले से 7 वर्षीय मासूम बच्ची गंभीर रूप से घायल, मालिक के खिलाफ नए कानून के तहत मामला दर्ज

यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि पालतू जानवरों के प्रति प्रेम के साथ-साथ समाज की सुरक्षा के प्रति सजग रहना कितना जरूरी है।

कटनी में पालतू कुत्ते के हमले से 7 वर्षीय मासूम बच्ची गंभीर रूप से घायल, मालिक के खिलाफ नए कानून के तहत मामला दर्ज

कटनी। शहर 22 जनवरी 2026कटनी शहर के कुठला थाना क्षेत्र अंतर्गत पुरैनी इलाके में एक पालतू कुत्ते द्वारा निर्दोष 7 साल की बच्ची पर किए गए हमले का मामला सामने आया है।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुत्ते के मालिक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 291 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। यह धारा पालतू जानवरों के प्रति लापरवाही बरतने पर सख्त प्रावधान करती है, जिसके तहत मालिक को अधिकतम 6 महीने की कैद, 5,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है।

घटना का पूरा विवरणघटना बुधवार, 21 जनवरी 2026 की शाम लगभग 5 बजे की है। पुलिस को प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुरैनी (कुठला थाने के पीछे) निवासी अविनाश मिश्रा की 7 वर्षीय बेटी आर्या मिश्रा अपने पुराने घर के आसपास खेल रही थी।

इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले हित्तला कोल (45 वर्ष) के पालतू कुत्ते ने अचानक बच्ची पर हमला बोल दिया और उसे काट लिया। हमले में बच्ची को गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उसे तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान की गई।बच्ची के पिता अविनाश मिश्रा ने कुठला थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी हित्तला कोल के खिलाफ अपराध क्रमांक 73/2026 दर्ज किया। जांच अधिकारी ने बताया कि जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है

और कुत्ते की देखभाल में लापरवाही के सबूत जुटाए जा रहे हैं।कानूनी प्रावधान और महत्वBNS धारा 291 (Negligent conduct with respect to animal) स्पष्ट रूप से कहती है कि यदि कोई व्यक्ति अपने पालतू जानवर को इस तरह रखता या छोड़ता है कि इससे मानव जीवन को खतरा हो या गंभीर चोट लगने की संभावना बने, तो वह दोषी माना जाएगा।

यह प्रावधान पुराने IPC की धारा 289 का स्थान ले चुका है, जिसमें जुर्माना केवल 1,000 रुपये तक था, लेकिन अब सजा और जुर्माना दोनों में वृद्धि की गई है।यह कार्रवाई पालतू जानवरों के मालिकों के लिए एक बड़ा संदेश है कि पालतू रखना केवल स्नेह की बात नहीं, बल्कि पूर्ण जिम्मेदारी और सावधानी की मांग करता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि कुत्ते को बंधा रखना, रैबीज वैक्सीनेशन कराना और सार्वजनिक स्थानों पर पट्टा (लीश) का उपयोग अनिवार्य है, अन्यथा कानूनी कार्रवाई अपरिहार्य है।प्रशासन का संदेशपुलिस ने स्पष्ट किया है कि बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। ऐसे मामलों में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। स्थानीय निवासियों ने भी इस घटना पर चिंता जताई है और पालतू जानवरों की उचित देखभाल की मांग की है।

यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि पालतू जानवरों के प्रति प्रेम के साथ-साथ समाज की सुरक्षा के प्रति सजग रहना कितना जरूरी है।

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