कटनी में आवारा कुत्ते के काटने से 16 वर्षीय किशोर की दर्दनाक मौत, 15 दिन बाद अस्पताल में तोड़ा दम
प्रशासन से अपील है कि इस मामले में त्वरित और ठोस कदम उठाए जाएं।
प्रशासन से अपील है कि इस मामले में त्वरित और ठोस कदम उठाए जाएं।

कटनी (मध्य प्रदेश), 2 मार्च 2026: ग्रामीण क्षेत्र में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या एक बार फिर सामने आई है, जहां एक निर्दोष 16 वर्षीय किशोर की कुत्ते के हमले के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। यह घटना जिले के थाना बाकल अंतर्गत ग्राम रक्सेहा में हुई, जिसने स्थानीय लोगों में आक्रोश और चिंता पैदा कर दी है।घटना का पूरा विवरणग्राम रक्सेहा निवासी छोटे सिंह गोड़ (पिता: पुरुषोत्तम सिंह गोड़) को 13 फरवरी 2026 को दोपहर लगभग 12:52 बजे एक आवारा कुत्ते ने बुरी तरह काट लिया।
घाव गंभीर होने के कारण परिवार ने तुरंत उसे प्राथमिक उपचार कराया, लेकिन हालत बिगड़ने पर बेहतर इलाज के लिए जबलपुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रेफर कर दिया गया।लगभग 15 दिनों तक डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की, लेकिन किशोर की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। आखिरकार, रविवार 1 मार्च 2026 की रात करीब 8:40 बजे उसने अस्पताल में अंतिम सांस ली।
मौत की सूचना मिलते ही परिवार सदमे में डूब गया।पुलिस ने दर्ज किया मामलाघटना की सूचना पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत मर्ग क्रमांक 06/26 दर्ज किया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आवारा कुत्तों की समस्या पर प्रशासन से कार्रवाई की मांग उठ रही है।आवारा कुत्तों का बढ़ता खतरायह घटना मध्य प्रदेश सहित पूरे देश में आवारा कुत्तों के हमलों की बढ़ती संख्या का एक दुखद उदाहरण है।
हाल के महीनों में कई जगहों पर ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जहां बच्चों और किशोरों को निशाना बनाया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि रेबीज (हाइड्रोफोबिया) का खतरा होने के कारण कुत्ते के काटने पर तुरंत एंटी-रेबीज वैक्सीन और उचित इलाज जरूरी है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में समय पर सुविधाओं की कमी से ऐसी त्रासदियां बढ़ रही हैं।परिवार और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांवों में आवारा कुत्तों को पकड़कर नसबंदी या शेल्टर में रखा जाए, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।स्थानीय लोग अब सड़कों पर सुरक्षित आवागमन की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन से अपील है कि इस मामले में त्वरित और ठोस कदम उठाए जाएं।
