Katni news नगर निगम में राजस्व वसूली को लेकर आयुक्त कीसख्ती, कम वसूली पर 15 राजस्व कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी
नगरवासियों से अपील है कि लोक अदालत का अधिकतम लाभ उठाएं और बकाया राशि जमा कर शहर के विकास में सहयोग करें।
नगरवासियों से अपील है कि लोक अदालत का अधिकतम लाभ उठाएं और बकाया राशि जमा कर शहर के विकास में सहयोग करें।

कटनी (10 मार्च 2026) – कटनी नगर निगम में राजस्व वसूली को लेकर सख्ती बढ़ गई है। वित्तीय वर्ष की समाप्ति में महज 21 दिन शेष रहने पर निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने लक्ष्य से कम प्रगति पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने 15 राजस्व कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं, जिनकी वसूली 30 प्रतिशत से भी कम रही है।निगमायुक्त ने सोमवार शाम आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में राजस्व वसूली की वार्डवार और कर्मचारीवार विस्तृत समीक्षा की। बैठक में राजस्व अधिकारी जागेश्वर प्रसाद पाठक, सहायक राजस्व अधिकारी सागर नायक सहित वसूली दल के सभी सदस्य मौजूद रहे।
निगमायुक्त ने स्पष्ट कहा कि राजस्व वसूली नगर प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कर्मचारियों को चेतावनी दी कि यदि लक्ष्य के अनुरूप वसूली नहीं हुई तो अनुशासनात्मक कार्रवाई अपरिहार्य होगी।मुख्य निर्देश और फैसले:30% से कम वसूली करने वाले 15 कर्मचारियों को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए।वसूली दल को डोर-टू-डोर संपर्क बढ़ाने और विशेष अभियान चलाने के सख्त निर्देश।
बकायादारों से नियमित संपर्क स्थापित कर तेजी से वसूली सुनिश्चित करने का आदेश।वित्तीय वर्ष समाप्ति नजदीक होने के कारण अन्य लापरवाह कर्मचारियों को भी कार्रवाई के लिए तैयार रहने की चेतावनी।इसके अलावा, निगमायुक्त ने 14 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली लोक अदालत की तैयारियों की भी गहन समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक नागरिकों को लाभ दिलाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।शेष बकायेदारों की वार्डवार सूची तैयार कर टीमों के माध्यम से संपर्क स्थापित किया जाए।
लोक अदालत में मिलने वाली छूट की जानकारी देकर अधिकतम वसूली सुनिश्चित की जाए।प्रत्येक काउंटर पर पीओएस मशीन अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहे।शिविर स्थल, काउंटर व्यवस्था और प्रचार के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।निगमायुक्त ने बैठक में राजस्व विभाग, जल प्रदाय विभाग और बाजार शाखा के अधिकारियों-कर्मचारियों को भी निर्देशित किया।
यह कदम नगर निगम की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और शहर के विकास कार्यों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हाल के महीनों में निगमायुक्त द्वारा राजस्व वसूली और अन्य मामलों में दिखाई गई सख्ती से प्रशासनिक स्तर पर तेजी आई है।
नगरवासियों से अपील है कि लोक अदालत का अधिकतम लाभ उठाएं और बकाया राशि जमा कर शहर के विकास में सहयोग करें।
