कटनी जिले में सख्ती: पूरे जिले को पेयजल अभावग्रस्त घोषित, नलकूप खुदाई पर पूर्ण बैन
प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि इस बार जल संरक्षण को लेकर कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि इस बार जल संरक्षण को लेकर कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी

भीषण गर्मी और तेजी से गिरते भूजल स्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने जल संकट से निपटने के लिए बड़ा और सख्त कदम उठाया है।
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी आशीष तिवारी ने जनहित में पूरे कटनी जिले को 1 अप्रैल से 30 जून 2026 तक पेयजल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित कर दिया है।
इस आदेश के तहत जिले के सभी विकासखंडों और नगरीय क्षेत्रों में पेयजल स्रोतों (नदियां, नाले, स्टॉपडैम, सार्वजनिक कुएं आदि) का उपयोग केवल पेयजल और घरेलू जरूरतों तक सीमित रहेगा। इन स्रोतों का किसी अन्य प्रयोजन (जैसे सिंचाई, निर्माण या औद्योगिक उपयोग) के लिए इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
नलकूप खुदाई पर सख्त प्रतिबंधप्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब बिना अनुमति कोई भी व्यक्ति या निजी ठेकेदार नया नलकूप नहीं खोद सकेगा।
अनुमति के लिए संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) से पूर्व स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा। अनुमति से पहले तकनीकी जांच और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की अनुशंसा भी जरूरी होगी।
निजी जल स्रोतों का अधिग्रहण संभवयदि किसी क्षेत्र में सार्वजनिक जल स्रोत पूरी तरह सूख जाते हैं और कोई विकल्प नहीं बचता, तो प्रशासन जनहित में निजी जल स्रोतों का भी अस्थायी अधिग्रहण कर सकता है।
यह कार्रवाई संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत की जाएगी।1 अप्रैल से लागू, हर स्तर पर निगरानीआदेश 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा।
इसके सख्त पालन की जिम्मेदारी प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस, नगरीय निकायों और पंचायत स्तर तक तय की गई है।
उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई:मध्यप्रदेश पेयजल परीक्षण अधिनियम 1986 की धारा 9भारतीय दंड संहिता की धारा 188के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करें, बर्बादी रोकें और प्रशासन के निर्देशों का पालन कर जल संरक्षण में सक्रिय सहयोग दें।
यह कदम आगामी ग्रीष्मकाल में संभावित जल संकट को रोकने और पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि इस बार जल संरक्षण को लेकर कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
