अनौखी कार्रवाई, गांव की महिलाएं बनकर पहुंची दो डीएसपी, ट्रैक्टर चालक से जैसे ही जैसे ही रिश्वत मांगी कर दिया बेनकाब,
सख्ती की यह मिसाल अन्य थानों के लिए भी चेतावनी है — भ्रष्टाचार की कोई जगह नहीं।
सख्ती की यह मिसाल अन्य थानों के लिए भी चेतावनी है — भ्रष्टाचार की कोई जगह नहीं।

बहोरीबंद टीआई हटाए गए, आरक्षक संहिता तीन पर कार्रवाई कटनी ।बहोरीबंद थाना क्षेत्र में अवैध वसूली का खेल चल रहा था, लेकिन पुलिस की फिल्मी स्टाइल की बड़ी कार्रवाई ने इसे एक झटके में बेनकाब कर दिया।दो महिला पुलिस अधिकारियों ने साधारण गांव की महिलाओं का वेश धारण किया और ट्रैक्टर चालक बनकर थाने के आरक्षक के जाल में फंस गईं। जैसे ही आरोपी आरक्षक ने ट्रैक्टर रोककर रिश्वत की मांग की और पैसे ले लिए, दोनों महिला अफसरों ने अपना असली रूप दिखाया और उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।यह पूरा ऑपरेशन पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के सीधे निर्देश पर किया गया।
लगातार शिकायतें आ रही थीं कि बहोरीबंद थाना स्टाफ ट्रैक्टर-ट्रॉली चालकों और किसानों से 500 से 1000 रुपये तक की अवैध वसूली कर रहा था। वाहनों को रोककर कार्रवाई का डर दिखाकर पैसे ऐंठे जा रहे थे।कार्रवाई के तुरंत बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए:थाना प्रभारी अखिलेश दाहिया को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया।रिश्वत लेते पकड़े गए आरक्षक सहित अन्य संदिग्ध कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया।
यह कार्रवाई न केवल रिश्वतखोरी पर लगाम कसने वाली है, बल्कि पुलिस विभाग में अनुशासन और जवाबदेही की मिसाल भी पेश करती है। एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने स्पष्ट संदेश दिया है कि आम जनता, खासकर किसानों को परेशान करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।बहोरीबंद थाने में लंबे समय से चल रही शिकायतों पर यह “ऑपरेशन शिकंजा” आम लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाने वाली साबित हो सकती है। अब देखना होगा कि आगे की जांच में और कितने बड़े नाम सामने आते हैं।
सख्ती की यह मिसाल अन्य थानों के लिए भी चेतावनी है — भ्रष्टाचार की कोई जगह नहीं।
