*मुहांस गेहूं खरीदी केंद्र बंद होने से रीठी के किसान परेशान, 40 किमी दूर जाना मजबूरी: आंदोलन की चेतावनी*
*एक नजर में विवाद* – *मुद्दा*: मुहांस गेहूं खरीदी केंद्र बंद – *नया केंद्र*: पटोरी सायलो, दूरी करीब 40 किमी – *प्रभावित*: रीठी तहसील के सैकड़ों किसान – *मांग*: मुहांस केंद्र दोबारा शुरू हो या स्थानीय विकल्प मिले – *चेतावनी*: समाधान न होने पर चक्काजाम
*एक नजर में विवाद* – *मुद्दा*: मुहांस गेहूं खरीदी केंद्र बंद – *नया केंद्र*: पटोरी सायलो, दूरी करीब 40 किमी – *प्रभावित*: रीठी तहसील के सैकड़ों किसान – *मांग*: मुहांस केंद्र दोबारा शुरू हो या स्थानीय विकल्प मिले – *चेतावनी*: समाधान न होने पर चक्काजाम

कटनी, 22 अप्रैल 2026*: रीठी तहसील क्षेत्र में गेहूं खरीदी केंद्र को लेकर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है। प्रशासन ने मुहांस खरीदी केंद्र बंद कर उसे पटोरी सायलो केंद्र से जोड़ दिया है। इस फैसले से नाराज सैकड़ों किसान मंगलवार को तहसील कार्यालय पहुंचे और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा।*40 किलोमीटर का सफर बना मुसीबत* किसानों का कहना है कि पहले मुहांस केंद्र पास में होने से फसल बेचना आसान था। अब पटोरी सायलो केंद्र करीब 40 किलोमीटर दूर पड़ता है। इससे किराया, डीजल और समय का खर्च कई गुना बढ़ गया है।
छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह अतिरिक्त बोझ असहनीय हो गया है।*ज्ञापन देकर की यह मांग* किसानों ने तहसीलदार रीठी और थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा। मांग की गई कि मुहांस खरीदी केंद्र को तुरंत शुरू किया जाए या फिर स्थानीय स्तर पर वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। किसानों ने कहा कि कटाई के सीजन में इतनी दूर फसल ले जाना संभव नहीं है।*चक्काजाम की चेतावनी* प्रशासन की चुप्पी से नाराज किसानों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। किसान नेताओं ने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे चक्काजाम कर विरोध करेंगे।
उन्होंने साफ किया कि इसके बाद की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।*प्रशासन पर उठ रहे सवाल* किसानों का आरोप है कि बिना जमीनी हकीकत समझे केंद्र बंद कर दिया गया। इससे न सिर्फ आर्थिक नुकसान हो रहा है बल्कि फसल खराब होने का भी डर है। अब देखना है कि प्रशासन किसानों की मांग पर कितनी जल्दी कदम उठाता है या मामला आंदोलन तक पहुंचता है।
*एक नजर में विवाद* – *मुद्दा*: मुहांस गेहूं खरीदी केंद्र बंद – *नया केंद्र*: पटोरी सायलो, दूरी करीब 40 किमी – *प्रभावित*: रीठी तहसील के सैकड़ों किसान – *मांग*: मुहांस केंद्र दोबारा शुरू हो या स्थानीय विकल्प मिले – *चेतावनी*: समाधान न होने पर चक्काजाम
