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कटनी जिले में सख्ती: प्रतिबंध के बावजूद अवैध बोरिंग पर FIR, एक गिरफ्तारी

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जल संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रशासन पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है।

जल संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रशासन पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है।

कटनी (17 मई 2026): जल संकट को देखते हुए पूरे जिले में नए नलकूप (बोरिंग) पर लगाए गए प्रतिबंध का उल्लंघन करने वाले एक व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने ढीमरखेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम दियागढ़ में बिना अनुमति अवैध बोरिंग कराने वाले राकेश गौड़ के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर ली है।रात के अंधेरे में की गई अवैध बोरिंगढीमरखेड़ा तहसील के हल्का नंबर 31 झिन्ना पिपरिया के पटवारी अमित कुमार पटेल को सूचना मिली कि गांव में गुपचुप तरीके से अवैध बोरिंग की जा रही है। पटवारी ने तुरंत मौके पर पहुंचकर खसरा नंबर 98 (रकबा 1.78 हेक्टेयर) वाली शासकीय भूमि का निरीक्षण किया।

जांच में पुष्टि हुई कि आरोपी राकेश गौड़ ने 15 मई की रात करीब 1 बजे बिना किसी अनुमति के अवैध नलकूप खनन करा लिया।पटवारी ने मौके पर गवाहों की उपस्थिति में पंचनामा तैयार कर तहसीलदार को रिपोर्ट सौंपी। तहसीलदार के निर्देश पर ढीमरखेड़ा पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया।जिला जल अभावग्रस्त घोषित, बोरिंग पर पूर्ण प्रतिबंधकलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री आशीष तिवारी ने 25 मार्च 2026 को जारी आदेश के तहत पूरे कटनी जिले को 1 अप्रैल से 30 जून 2026 तक ‘पेयजल अभाव ग्रस्त क्षेत्र’ घोषित किया था। इस अवधि के दौरान बिना सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के किसी भी प्रकार के नए निजी या अवैध नलकूप खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया था।

इन धाराओं में दर्ज हुआ केसपुलिस ने आरोपी राकेश गौड़ के खिलाफ निम्न धाराओं में FIR दर्ज की है:मध्य प्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 (संशोधित 2022) की धारा 9भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223(a)मामले की जांच सब-इंस्पेक्टर सुरेश चौधरी को सौंपी गई है।प्रशासन का सख्त संदेशजिला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जल संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रशासन पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है।

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