बदहवास माँ की पीड़ा खत्म, कोतवाली पुलिस की त्वरित कार्रवाई से दो घंटे में मिले लापता मासूम भाई-बहन
कोतवाली पुलिस की इस त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने सराहना की है।
कोतवाली पुलिस की इस त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने सराहना की है।

कटनी। घर के पास खेलते-खेलते अचानक लापता हो गए दो मासूम बच्चों की तलाश में बदहवास माँ की चीखें सुनकर कोतवाली पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला। मात्र दो घंटे की तेज़ कार्रवाई के बाद सकुशल बरामद कर लिए गए। बच्चों को देखते ही उनकी माँ भावुक होकर बिलख पड़ी। 28 मई 2026 को शाम को राकेश सोनकर ने कोतवाली थाने में सूचना दी कि उनके दोनों बच्चे घर के पास खेल रहे थे, जो अचानक गायब हो गए। परिजनों ने मोहल्ले, बाजार और रेलवे स्टेशन समेत आसपास के कई इलाकों में खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। माँ का रो-रोकर बुरा हाल था
और पूरे परिवार में हड़कंप मच गया था।पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देश पर थाना प्रभारी निरीक्षक राखी पाण्डेय ने तुरंत टीम गठित कर सर्च अभियान शुरू किया। सहायक उपनिरीक्षक प्रहलाद पैकरा के नेतृत्व में पुलिस टीम परिजनों के साथ मौके पर पहुंची। आसपास के लोगों से पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज की जांच के साथ-साथ घर के आसपास के खाली कमरों की तलाशी ली गई।मिल गए रैक के पीछे सोते हुए दोनों बच्चेतलाश के दौरान घर के पास बने एक खाली कमरे में रखी सामान की रैक के पीछे दोनों बच्चे गहरी नींद में सोते हुए मिले। बच्चों को जगाकर पूछताछ की गई तो उन्होंने जो जवाब दिया, वह सुनकर सब हैरान रह गए।
बच्चों ने बताया, “हम मम्मी-पापा से छिपकर पुराने मोबाइल में गेम खेल रहे थे। खेलते-खेलते हमें नींद आ गई और हम वहीं सो गए।”बच्चों के सकुशल घर लौटने पर पूरे परिवार ने राहत की सांस ली। भावुक माँ ने रुंधे गले से कहा, “मेरे जिगर के टुकड़ों को सुरक्षित देखकर लगा जैसे जान वापस आ गई हो। पुलिस वालों ने बहुत जल्दी काम किया, उनका शुक्रिया।”इस सफल कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मी:थाना प्रभारी निरीक्षक राखी पाण्डेयसहायक उपनिरीक्षक प्रहलाद पैकराप्रधान आरक्षक उमेश सिंहआरक्षक दिनेश सेन, मोहन मंडलोई, अजीत सिंह, रोहित राठौरमहिला आरक्षक अनामिका तिवारी एवं एनआरएस निधि चौरसिया
कोतवाली पुलिस की इस त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने सराहना की है।
