कटनी (मध्य प्रदेश): बदलते साइबर अपराध के नए तरीकों ने अब शादी-ब्याह के मौसम को भी निशाना बना लिया है। व्हाट्सएप पर आए फर्जी शादी के डिजिटल कार्ड ने एक फल कारोबारी को चपेट में ले लिया। जैसे ही उन्होंने कार्ड खोला, उनके मोबाइल में मालवेयर घुस गया और कुछ ही मिनटों में बैंक खाते से 2 लाख 27 हजार रुपये गायब हो गए।घटना क्या हुई?कोतवाली क्षेत्र के सावरकर वार्ड, नई बस्ती निवासी सोनू गुप्ता को एक अनजान नंबर से शादी का डिजिटल कार्ड मिला।
सामान्य निमंत्रण समझकर उन्होंने कार्ड खोला। तुरंत एक APK फाइल अपने आप डाउनलोड हो गई।इसके बाद साइबर ठगों ने उनके फोन का पूरा नियंत्रण हासिल कर लिया और बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते से पैसे ट्रांसफर कर दिए। पीड़ित को तब पता चला जब पैसे निकल चुके थे।पुलिस में शिकायत दर्जसोनू गुप्ता ने तुरंत बैंक और कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन साइबर ठगों तक पहुंचना अभी चुनौती बना हुआ है।साइबर विशेषज्ञों की चेतावनीसाइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, शादी के सीजन में यह नया तरीका काफी सक्रिय हो गया है।
मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और आसपास के कई राज्यों में ऐसे गिरोह सक्रिय बताए जा रहे हैं।ठग कैसे काम करते हैं?फर्जी वेडिंग कार्ड भेजते हैं (WhatsApp, Facebook, Instagram)कार्ड खोलते ही APK फाइल डाउनलोड हो जाती हैमालवेयर फोन की सारी जानकारी (OTP, बैंकिंग ऐप, पासवर्ड) चुरा लेता है🚨 इन बातों का रखें खास ध्यानकिसी भी अनजान नंबर से आए शादी के कार्ड, लिंक या फाइल को न खोलेंAPK, PIF, VBS या .exe जैसी फाइलें तुरंत डिलीट करेंफोन में हमेशा एंटी-मालवेयर / एंटी-वायरस ऐप रखें और अपडेट रखेंदो-चरणीय प्रमाणीकरण (2FA) ऑन रखेंअनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले सोचें — “क्या यह जरूरी है?”ठगी हो जाए तो तुरंत ये कदम उठाएं1930 (साइबर हेल्पलाइन) पर तुरंत कॉल करेंअपने बैंक को फोन करके अकाउंट ब्लॉक करवाएंनजदीकी साइबर सेल या पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएंआपात स्थिति में 112 डायल करें
एक छोटी सी लापरवाही पूरे साल की कमाई छीन सकती है।डिजिटल युग में जागरूकता ही सबसे बेहतर सुरक्षा है। अपने परिवार और दोस्तों को भी इस जानकारी को शेयर जरूर करें।
कानून व्यवस्था बनाए रखने के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
यातायात नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें
आगामी दिनों में संगठन को और विस्तार देने में मददगार साबित होगा।
लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में यातायात पुलिस की सतर्कता को दर्शाती है।
ऐसे किसी भी मामले की जानकारी मिलने पर तुरंत निकटतम पुलिस थाने या कंट्रोल रूम…
साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पोर्टल…
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