कटनी में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण योजना में करोड़ों का कथित घोटाला: हाईकोर्ट ने सरकार, EOW और नगर निगम से 4 सप्ताह में मांगा जवाब

हाईकोर्ट की इस सुनवाई से उम्मीद जगी है कि मामले की गहन जांच होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। जांच के नतीजे आने के बाद ही घोटाले की सही तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी

कटनी (मध्य प्रदेश), 14 जनवरी 2026: स्वच्छ भारत मिशन के तहत कटनी नगर निगम में चल रही डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण योजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का गंभीर मामला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट तक पहुंच गया है।

वरिष्ठ पार्षद एवं अधिवक्ता मिथलेश जैन की दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार, आर्थिक अपराध अनुसंधान विभाग (EOW), कटनी नगर निगम और नगर तथा ग्राम निवेश विभाग को नोटिस जारी कर 4 सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब तलब किया है।

चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त रुख अपनाया। याचिकाकर्ता ने ठेकेदार कंपनी रेमकी इनवायरो इंजीनियर प्राइवेट लिमिटेड (Ramky Enviro Engineers Pvt. Ltd.) और नगर निगम अधिकारियों के बीच कथित सांठगांठ के कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें करोड़ों रुपये के सरकारी धन के दुरुपयोग, पर्यावरण नियमों का उल्लंघन और फर्जी बिलिंग शामिल हैं।

मुख्य आरोप इस प्रकार हैं:फर्जी बिलिंग और अवैध भुगतान:

बिना उचित बिल जारी किए कंपनी को लाखों-करोड़ों रुपये का भुगतान किया गया। बाद में यह राशि जनता से प्रॉपर्टी टैक्स के नाम पर वसूली गई।

नियमों की धज्जियां: 7 मई 2015 के समझौते के अनुसार कचरे का अनिवार्य सेग्रीगेशन (गीला-सूखा अलग करना) और सीधे कॉम्पैक्टर में डालकर प्लांट ले जाना था, लेकिन इसका पालन नहीं हुआ।

अवैध डंपिंग: लाखों मीट्रिक टन कचरा उस कृषि भूमि पर डंप किया गया, जो प्लांट के लिए आवंटित ही नहीं थी। यह मास्टर प्लान और प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है।

वजन में हेराफेरी: कंपनी द्वारा कचरा ढोने वाले वाहनों में मिट्टी, मलबा जैसी भारी सामग्री भरकर वजन बढ़ाया जाता था, ताकि वजन के आधार पर अधिक भुगतान प्राप्त हो सके।

तीन गुना भुगतान का खेल: रेलवे और ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के कचरे को भी उसी स्थल पर डंप कर कंपनी द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से तीन गुना भुगतान लिया जा रहा है।

याचिकाकर्ता मिथलेश जैन ने बताया कि वर्ष 2023 में इन अनियमितताओं की शिकायत दर्ज होने के बावजूद कोई प्रारंभिक जांच पूरी नहीं हुई और न ही कोई एफआईआर दर्ज की गई।

अब हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल कर नगर निगम अधिकारियों, कंपनी के निदेशकों और प्लांट प्रभारी के खिलाफ आर्थिक अनियमितता, पर्यावरण उल्लंघन तथा सरकारी धन के दुरुपयोग के आधार पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।

यह मामला कटनी शहर में स्वच्छता व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय निवासी और पर्यावरण प्रेमी लंबे समय से कचरा प्रबंधन की खराब स्थिति और अवैध डंपिंग साइट्स की शिकायत करते रहे हैं, जिससे शहर में प्रदूषण और स्वास्थ्य जोखिम बढ़ गए हैं।

हाईकोर्ट की इस सुनवाई से उम्मीद जगी है कि मामले की गहन जांच होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

जांच के नतीजे आने के बाद ही घोटाले की सही तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

(नोट: यह रिपोर्ट उपलब्ध जानकारी, याचिका के आरोपों और हाईकोर्ट की प्रारंभिक कार्रवाई पर आधारित है। सभी पक्षों की प्रतिक्रिया और जांच रिपोर्ट के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जा सकता है।

admin

Recent Posts

ढीमरखेड़ा: 6 वर्षीय बालक की दतला नदी में डूबने से मौत, परिवार में मातम

पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों को नदी-तालाब या गहरे पानी के…

13 hours ago

कटनी में कोर्ट में फर्जी दस्तावेजों से जमानत लेने का मामला सामने आया

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने जानबूझकर फर्जी कागजात बनाकर अदालत को गुमराह किया,…

13 hours ago

कटनी में मोबाइल चोरी के बाद साइबर धोखाधड़ी: 61 वर्षीय व्यक्ति के खाते से 7,382 रुपये निकाले गए

पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और जल्द ही आरोपी तक पहुंचने…

13 hours ago

मैहर में 13 वर्षीय स्कूली छात्रा का अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म, कटनी के दो आरोपी गिरफ्तार

सनी कोहली के अपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। मैहर (कटनी): मैहर…

13 hours ago

मेमू ट्रेनों के पहिए थमे, 6 घंटे का मेगाब्लाग

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ब्लॉक अवधि समाप्त होते ही ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से…

2 days ago

This website uses cookies.