कटनी जिले के ढीमरखेड़ा वन क्षेत्र में अवैध लकड़ी तस्करी पर लगाम कसने के लिए वन विभाग ने एक बार फिर अपनी मुस्तैदी का परिचय दिया है। देर रात की गश्त के दौरान विभाग की टीम ने ग्राम बिचुआ के निकट एक चार पहिया वाहन को पकड़ा, जिसमें करीब 30 नग कीमती बल्लियां (लॉग्स) और जलाऊ लकड़ी भरी हुई थी।
सूत्रों के अनुसार, वन अमले की नियमित गश्त चल रही थी, जब ग्राम बिचुआ के समीप एक संदिग्ध वाहन की आवाजाही दिखाई दी। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वाहन को रोककर गहन तलाशी ली। जांच में पाया गया कि वाहन में भारी मात्रा में लकड़ी लदी है, लेकिन परिवहन से जुड़े कोई भी वैध दस्तावेज (ट्रांजिट पास या परमिट) नहीं थे।इसके बाद टीम ने वाहन को तत्काल कब्जे में ले लिया और उसे रेंज कार्यालय में लाकर जब्त कर दिया।
रेंजर अजय मिश्रा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया,”हमने वाहन जब्त कर लिया है। लकड़ी के मूल स्रोत, कटाई की वैधता और तस्करी के नेटवर्क की गहन जांच शुरू कर दी गई है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ वन संरक्षण अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”इस सफल ऑपरेशन में मुख्य भूमिका निभाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों में शामिल हैं:
रेंजर अजय मिश्राडिप्टी रेंजर अशोक कोलप्रदीप तिवारीकमलेश बर्मनरामकुमार कुशवाहाविनीश सिंहसुजाता गोंडवन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जंगलों में अवैध कटाई और तस्करी रोकने के लिए गश्त और निगरानी को और तेज किया जा रहा है। ऐसे मामलों में विभाग जीरो टॉलरेंस की नीति पर अडिग है, ताकि क्षेत्र के वन संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।यह कार्रवाई स्थानीय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण और वन अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का एक मजबूत संदेश है।
जांच के नतीजे आने पर आगे की जानकारी साझा की जाएगी
कटनी पुलिस आपके साथ है—समस्या बताइए, समाधान पाइए।
यदि आपके इलाके में भी ऐसी गंदगी की समस्या है, तो नगर निगम हेल्पलाइन या…
अंतिम निर्णय आने के बाद आगे की विधिक प्रक्रिया तय होगी।
संभावना है कि 1 अप्रैल के बाद यह सुविधा पूर्ण रूप से लागू हो जाएगी।
अब देखना यह है कि इस नए नियम का अमल कैसे होता है और क्या…
स्थानीय लोग और हितग्राही ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई और पारदर्शी प्रक्रिया की मांग…
This website uses cookies.