कटनी, 14 अक्टूबर 2025: मध्य प्रदेश के कटनी जिले में धान खरीदी प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के बाद आर्थिक अपराध अन्वेषण प्रकोष्ठ (EOW) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।
बसाड़ी क्षेत्र के धान खरीदी केंद्र के सेल्समैन सुशील गुप्ता के तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। फर्जी बिलिंग, अनियमित भुगतान और रिकॉर्डों में हेराफेरी के आरोपों में महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त कर लिए गए हैं।
प्रारंभिक जांच में लाखों रुपये के घोटाले की आशंका जताई जा रही है।घटना का पूरा ब्योराEOW की विशेष टीम ने सुबह-सुबह बसाड़ी क्षेत्र में दबिश दी और सुशील गुप्ता से जुड़े तीन अलग-अलग स्थानों—उनके निवास, कार्यालय और एक गोदाम—की बारीकी से तलाशी ली।
छापे के दौरान टीम ने धान खरीदी से संबंधित दर्जनों रजिस्टर, सैकड़ों किसानों की भुगतान रसीदें, बैंक पासबुक, डिजिटल फाइलें और कंप्यूटर हार्ड डिस्क जब्त कीं।
सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि ये दस्तावेज फर्जी लेन-देन के पुख्ता सबूत प्रदान कर सकते हैं।सुशील गुप्ता धान खरीदी केंद्र में भुगतान वितरण और किसानों के बिल तैयार करने का प्रमुख जिम्मेदार था। उसके खिलाफ आरोप है कि उसने कई किसानों के नाम पर जाली बिल बनाकर सरकारी खजाने से अनधिकृत राशि का हस्तांतरण किया।
इसमें वास्तविक किसानों को कम भुगतान देकर बिचौलियों को फायदा पहुंचाने का भी मामला सामने आया है।
एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “यह घोटाला संगठित रूप से किया गया लगता है, और जांच में अन्य नाम भी उजागर हो सकते हैं।
“क्षेत्र में सनसनी, किसानों में आक्रोश
EOW की इस अचानक कार्रवाई से बसाड़ी और आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया। स्थानीय किसान संगठनों ने इसे धान खरीदी व्यवस्था की पोल खोलने वाली घटना बताया है।
एक किसान नेता ने कहा, “सरकार की MSP योजना का ऐसा दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं। हमें अपने हक की लड़ाई लड़नी पड़ेगी।” फिलहाल, सुशील गुप्ता को पूछताछ के लिए हिरासत में नहीं लिया गया है, लेकिन उसके बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
आगे की जांच और संभावित खुलासे
EOW के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जब्त दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच चल रही है, जिसमें डिजिटल ट्रेल और बैंक ट्रांजेक्शन की पड़ताल शामिल है।
प्रारंभिक आंकड़ों से संकेत मिल रहे हैं कि घोटाले की रकम 20 लाख रुपये से अधिक हो सकती है। यदि आरोप साबित हुए, तो सुशील गुप्ता के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और IPC की धाराओं में मुकदमा दर्ज होगा।
यह कार्रवाई धान खरीदी सत्र के बीच में आई है, जब राज्य में MSP के तहत लाखों टन धान की खरीद हो रही है।
EOW ने किसानों से अपील की है कि वे किसी भी अनियमितता की शिकायत तुरंत दर्ज कराएं। मामले की गहन जांच जारी है, और अगले कुछ दिनों में बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
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