कटनी, 1 मार्च 2026माधवनगर थाना क्षेत्र के ग्राम इमलिया स्थित प्रसिद्ध नटराज फूड प्रोडक्ट के नाम और प्रतिष्ठा का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। आरोपियों ने संस्थान के फर्जी लेटरपैड तैयार कर व्यापारिक लेन-देन में हेरफेर की और शिकायतकर्ता अनिल ठारवानी को 18 लाख रुपये की चपत लगा दी। पुलिस ने मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए धोखाधड़ी के गंभीर आरोप दर्ज किए हैं।
ठगी की पूरी कहानीजांच के अनुसार, आरोपियों ने नटराज फूड प्रोडक्ट के आधिकारिक लेटरहेड की नकल उतारकर जाली दस्तावेज तैयार किए। इन फर्जी कागजातों के जरिए उन्होंने शिकायतकर्ता को विश्वास में लेकर व्यापारिक सौदे किए और अठारह लाख रुपये हड़प लिए। यह सिलसिला जून 2025 से चल रहा था, जिसकी शिकायत मिलने के बाद अब पुलिस सक्रिय हो गई है।मुख्य आरोपीओम उर्फ ऊधव मोटवानीतीरथदास मोटवानीदोनों आरोपी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं।
पुलिस ने उनकी तलाश तेज कर दी है।कानूनी कार्रवाईमाधवनगर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) (धोखाधड़ी) और भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या इन फर्जी लेटरपैड और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर अन्य व्यापारियों या व्यक्तियों को भी ठगा गया है।
यदि ऐसा पाया जाता है तो मामले की परिधि और बढ़ सकती है।शिकायतकर्ता का बयानशिकायतकर्ता अनिल ठारवानी ने बताया कि उन्होंने नटराज फूड प्रोडक्ट की साख पर भरोसा करते हुए लेन-देन किया, लेकिन बाद में पता चला कि दस्तावेज पूरी तरह जाली थे। इससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
पुलिस का कहनामाधवनगर थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की गहन जांच चल रही है। फर्जी लेटरपैड तैयार करने वाले प्रिंटिंग प्रेस और अन्य संलिप्त लोगों की भी तलाश की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।यह घटना स्थानीय व्यापारियों में हड़कंप मचा रही है। लोग अब दस्तावेजों की सत्यता जांचने में अधिक सतर्क हो गए हैं।
पुलिस ने अन्य संभावित पीड़ितों से भी शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।
पुलिस ने जनता से अपील की है कि निवेश से पहले आधिकारिक प्लेटफॉर्म और SEBI…
पुलिस ने अन्य संभावित पीड़ितों से भी शिकायत दर्ज कराने की अपील की है
जांच के नतीजे आने पर आगे की जानकारी साझा की जाएगी।
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यदि आपके इलाके में भी ऐसी गंदगी की समस्या है, तो नगर निगम हेल्पलाइन या…
अंतिम निर्णय आने के बाद आगे की विधिक प्रक्रिया तय होगी।
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