कटनी नगर निगम पर 67 करोड़ का कुर्की संकट: 12 साल की प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा अब जनता को भरना पड़ेगा

समय आ गया है कि लापरवाही की संस्कृति को कुर्क किया जाए, वरना शहर की संपत्तियां ही कुर्क हो जाएंगी।

कटनी। एक बार फिर साबित हो गया कि सरकारी लापरवाही कितनी महंगी पड़ सकती है। राजीव गांधी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स से जुड़े पुराने ठेके के विवाद में कटनी नगर निगम अब 67 करोड़ रुपये के कुर्की के कगार पर खड़ा है। 2012 में आर्बिट्रेशन ट्रिब्यूनल ने ठेकेदार मेसर्स खुशीराम एंड कंपनी को 22.60 करोड़ का अवार्ड दिया था। नगर निगम ने इस फैसले को जिला न्यायालय, उच्च न्यायालय और अंततः सुप्रीम कोर्ट तक चुनौती दी, लेकिन हर स्तर पर हार का सामना करना पड़ा।

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में विशेष अनुमति याचिका (SLP) खारिज कर दी, जिसके बाद जबलपुर कॉमर्शियल कोर्ट ने कुर्की वारंट जारी कर दिया।बुधवार को जबलपुर और कटनी की संयुक्त न्यायिक टीम नगर निगम कार्यालय पहुंची। डिक्रीदार कंपनी के पावर ऑफ अटॉर्नी किशोर वाधवानी की मौजूदगी में आयुक्त कार्यालय में वारंट तामील कराया गया। मूल अवार्ड राशि 22.60 करोड़ के साथ ब्याज मिलाकर कुल लगभग 67 करोड़ रुपये का कुर्की वारंट है।

टीम ने स्पष्ट चेतावनी दी — शीघ्र भुगतान न हुआ तो आगे चल-अचल संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई होगी।लापरवाही की 12 साल की दास्तानयह सिर्फ एक कानूनी हार नहीं, बल्कि गंभीर प्रशासनिक विफलता का दर्दनाक उदाहरण है। 2012 के बाद भी नगर निगम ने समय रहते प्रभावी पैरवी नहीं की। अपीलें दायर की गईं, लेकिन उनका अनुसरण ठीक से नहीं हुआ। सप्तम जिला न्यायाधीश की अदालत ने पांच महीने पहले ही नगर निगम आयुक्त से शपथ-पत्र मांगा था — चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों, आय के स्रोतों का पूरा ब्योरा दें और बताएं कि कौन-सी संपत्तियां लोकोपयोगी हैं और कौन-सी कुर्की से मुक्त हैं।

परिषद में भी यह मुद्दा उठा, लेकिन अधिकारियों के जवाब सिर्फ गोलमोल रहे।नतीजा? आज जनता की संपत्ति — बाजार, दुकानें, पार्क, सड़कें या बैंक खाते — सब पर कुर्की का खतरा मंडरा रहा है। विकास कार्यों के लिए आने वाला पैसा अब कर्ज चुकाने में खर्च होगा। पूर्व अधिकारियों और कुछ वर्तमान अधिकारियों की लापरवाही का यह हिसाब अब पूरी नगरपालिका को भरना पड़ रहा है।आयुक्त का कहना नगर निगम आयुक्त तपस्या परिहार ने कहा, “मेसर्स खुशीराम एंड संस प्रकरण में कुर्की वारंट के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई चल रही है।

न्यायालय में हमारा केस लगा हुआ है। प्रकरण के निराकरण के लिए आवश्यक पहल की जा रही है।”लेकिन सवाल यह है कि 12 साल में यह “आवश्यक पहल” क्यों नहीं हुई? जब अवार्ड आया था, तब क्यों तुरंत समझौता या वैकल्पिक रास्ता नहीं अपनाया गया? क्यों अपीलों को सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित रखा गया?वैचारिक विश्लेषण: जनता का पैसा, अफसरों की लापरवाहीयह प्रकरण नगर निगमों में व्याप्त दो बड़ी बीमारियों को उजागर करता है — ठेका प्रबंधन में लापरवाही और कानूनी मामलों में समय पर गंभीरता का अभाव।

जब सरकारी पैसा बर्बाद होता है, तो अंत में करदाता की जेब कटती है। कटनी जैसे छोटे शहर में 67 करोड़ की राशि का मतलब है — सड़कें, पानी, सीवरेज, स्कूल और अस्पताल के काम रुकना।यह घटना एक चेतावनी है। यदि प्रशासन समय रहते जिम्मेदारी नहीं दिखाएगा, तो भविष्य में और भी बड़े संकट आएंगे। अब जरूरत है — पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की, जिसमें यह पता लगाया जाए कि कौन-कौन से अधिकारी दोषी थे। साथ ही, भविष्य में बड़े ठेकों में कानूनी जोखिम का आकलन अनिवार्य किया जाए।कटनी नगर निगम आज आर्थिक संकट में है, लेकिन इससे बड़ा संकट है — विश्वास का संकट। जनता पूछ रही है — हमारा पैसा कहां गया? और अब कौन जवाबदेह होगा?

समय आ गया है कि लापरवाही की संस्कृति को कुर्क किया जाए, वरना शहर की संपत्तियां ही कुर्क हो जाएंगी।

admin

Recent Posts

कोटेश्वर के पास महानदी पुल पर ‘छोटा हाथी’ वाहन में लगी भीषण आग, आधा घंटा बंद रहा यातायात

पुलिस मामले की जांच कर रही है। यातायात अब सामान्य हो गया है, लेकिन पुल…

21 hours ago

नियमों की अनदेखी पर निगम की सख्त कार्रवाई: कटनी के दो मैरिज गार्डन सील

पंजीकृत और अनुमति प्राप्त विवाह स्थलों का ही चयन करें। इससे अनावश्यक कानूनी परेशानी और…

21 hours ago

खिरहनी तालाब विवाद में एसडीएम कोर्ट का बड़ा फैसला: 3.41 एकड़ भूमि फिर से शासकीय घोषित, तालाब का दर्जा बहाल

भूमि को पुनः प्रांतीय सरकार के नाम दर्ज करने और तालाब का दर्जा बनाए रखने…

21 hours ago

भट्टा मोहल्ला में पानी की टंकी और नाले की समस्या से नाराज स्थानीय लोग, नगर निगम पर लगाया लापरवाही का आरोप

नगर निगम प्रशासन की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं…

22 hours ago

निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने वेंकट लाइब्रेरी का किया निरीक्षण, सुधार कार्यों के दिए निर्देश

उन्होंने लाइब्रेरी परिसर के निचले रिक्त स्थान पर स्थायी जल व्यवस्था के लिए बोरिंग कराने…

22 hours ago

This website uses cookies.