कटनी नगर निगम में सख्ती: जर्जर भवनों पर निगमायुक्त का सख्त रुख, उपयंत्रियों को देना होगा सर्टिफिकेट
प्रशासन का यह रुख नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का स्पष्ट संकेत दे रहा है।
प्रशासन का यह रुख नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का स्पष्ट संकेत दे रहा है।

कटनी। शहरवासियों की जान-माल की सुरक्षा को लेकर नगर पालिक निगम प्रशासन अब पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। सोमवार को आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने जर्जर भवनों की धीमी कार्यवाही पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों और उपयंत्रियों को फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जन-सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”वार्ड में कोई जर्जर भवन नहीं” — उपयंत्रियों को अनिवार्य सर्टिफिकेटनिगमायुक्त ने बैठक में सभी वार्डों के उपयंत्रियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा:अपने-अपने वार्डों का प्रतिदिन सघन भ्रमण करें।
चिन्हित जर्जर भवनों को खाली कराने और ढहाने (डिस्मेंटल) की प्रक्रिया में तेजी लाएं।कार्यवाही पूर्ण होने के बाद प्रत्येक उपयंत्री को लिखित प्रमाण-पत्र (Certificate) जमा करना होगा कि उनके वार्ड में अब एक भी जर्जर भवन शेष नहीं है।मानसून से पहले खत्म होंगे खतरेआगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए निगमायुक्त ने कहा कि बारिश के दौरान जर्जर भवनों के गिरने की घटनाएं आम हो जाती हैं, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है। इसलिए सभी खतरनाक भवनों पर नगर निगम अधिनियम के तहत तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।अन्य सुरक्षा मुद्दों पर भी सख्तीजर्जर भवनों के अलावा निगमायुक्त ने शहर की सुरक्षा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी कड़े निर्देश जारी किए:खुले ट्यूबवेल और गड्ढे: शहर में कहीं भी खुले ट्यूबवेल या खतरनाक गड्ढे न रहें।
पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय होगी।खुले नाले: सभी खुले नालों को लोहे की जालियों से ढकने का काम तुरंत पूरा करें।अतिक्रमण: जल निकासी में बाधा पैदा करने वाले अतिक्रमणों को तत्काल हटाया जाए।निगमायुक्त का सख्त संदेश“हर आवेदन और सुरक्षा से जुड़ा मामला नागरिक की अपेक्षा से जुड़ा होता है। जर्जर भवनों पर कार्यवाही केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, इसका जमीन पर असर दिखना अनिवार्य है।”— तपस्या परिहार, निगमायुक्त, नगर पालिक निगम कटनीनिगमायुक्त के इन सख्त निर्देशों से शहर में मानसून से पहले जर्जर भवनों, खुले गड्ढों और नालों की समस्या पर तेजी से कार्रवाई होने की उम्मीद जगी है।
प्रशासन का यह रुख नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का स्पष्ट संकेत दे रहा है।
