कटनी। जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने एक साथ सख्ती और संवेदनशीलता का अद्भुत उदाहरण पेश किया है। न्याय की प्रक्रिया में देरी बर्दाश्त न करने की सख्त चेतावनी के साथ ही उन्होंने एक साधारण सिपाही के घर जाकर पूरे पुलिस महकमे में विश्वास की लहर दौड़ा दी।एसपी ने संबंधित अधिकारियों को ऐसी कड़ी फटकार लगाई कि पूरा पुलिस अमला सन्न रह गया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “चाहे आम नागरिक हो या पुलिस का जवान, न्याय की राह में कोई भी ढिलाई या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” एसपी की इस सख्ती का तत्काल असर दिखा। पुलिस टीम ने तुरंत घेराबंदी कर आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।महकमे में ‘परिवार’ वाला भावलेकिन एसपी की यह कहानी सिर्फ सख्ती तक सीमित नहीं रही। उन्होंने विभागीय प्रोटोकॉल तोड़ते हुए एक साधारण सिपाही के घर पहुंचकर पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और उनके आंसू पोंछे।
पुलिस महकमे में अक्सर जवान अपनी तकलीफों को कर्तव्य की वेदी पर चढ़ा देते हैं, लेकिन जब विभाग का सर्वोच्च अधिकारी खुद उनके घर पहुंचता है, तो महकमा महज एक सरकारी संस्था नहीं रह जाता—वह एक परिवार बन जाता है।कटनी के पुलिस कप्तान की इस संवेदनशीलता ने न सिर्फ पीड़ित परिवार को राहत दी, बल्कि जिले के हजारों पुलिसकर्मियों के मन में यह भरोसा जगाया है कि उनका ‘कप्तान’ हर मुश्किल वक्त में उनके साथ खड़ा है।पुलिस सूत्रों के अनुसार, एसपी की इस दोतरफा कार्यशैली (सख्ती + संवेदनशीलता) से पूरे जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ विभागीय मनोबल भी काफी ऊंचा हो गया है।यह घटना उन अधिकारियों के लिए मिसाल बन गई है जो आमतौर पर सिर्फ आदेश देते हैं, लेकिन खुद मैदान में उतरकर नेतृत्व करने का साहस नहीं दिखाते। कटनी पुलिस की यह कार्यवाही
‘सख्त लेकिन संवेदनशील’ पुलिसिंग का बेहतरीन उदाहरण बनकर उभरी है।
यह कार्यक्रम शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ विद्यार्थियों को साइबर दुनिया की चुनौतियों…
अब इस जनहित याचिका की अगली सुनवाई केंद्र सरकार के जवाब के बाद होगी।
प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार को मुख्य कारण माना जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जल्द ही इसकी जांच रिपोर्ट आने की उम्मीद है।
यह कार्यक्रम जिले में साइबर जागरूकता फैलाने और युवा पीढ़ी को डिजिटल खतरों से बचाने…
पुलिस पूरे मामले की आगे की जांच कर रही है।
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