पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने विद्यार्थियों को दी साइबर सुरक्षा की अहम सलाहकटनी, 25 जून 2026 — “स्कूल चलें हम” अभियान अंतर्गत शाला प्रारंभ उत्सव के द्वितीय चरण में पुलिस अधीक्षक कटनी श्री अभिनय विश्वकर्मा ने विद्यार्थियों को शिक्षा, अनुशासन और सुरक्षित डिजिटल जीवन की प्रेरणा दी। उन्होंने “सेफ क्लिक 2.0” अभियान के तहत साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी भी दी।कार्यक्रम पीएम श्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कैलवारा (थाना कुठला क्षेत्र) में आयोजित किया गया। 16 जून 2026 से शुरू हुए नए सत्र में विद्यार्थियों के उत्साहवर्धन और मार्गदर्शन के लिए 25 जून को जिले के सभी शासकीय विद्यालयों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए।मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा,
“आज के डिजिटल युग में शिक्षा के साथ-साथ साइबर सुरक्षा भी बेहद जरूरी है।”उन्होंने चेतावनी देते हुए बताया कि ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, साइबर बुलिंग, डेटा चोरी और फर्जी सूचनाओं के प्रसार जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने खासतौर पर “डिजिटल अरेस्ट” घोटाले के बारे में विस्तार से जानकारी दी और स्पष्ट किया कि:“भारतीय कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा कोई प्रावधान नहीं है। पुलिस कभी भी व्हाट्सएप कॉल या फोन पर पूछताछ नहीं करती और न ही धनराशि की मांग करती है। ऐसे सभी कॉल ठगों द्वारा लोगों को डराकर ठगी करने के लिए किए जाते हैं।”विद्यार्थियों से अपीलपुलिस अधीक्षक ने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे:सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करेंअज्ञात व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें
अपनी व्यक्तिगत या गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करेंउन्होंने सभी से अपील की कि वे अपने परिवार और समाज को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। किसी भी साइबर धोखाधड़ी की शिकायत के लिए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल का इस्तेमाल करने की सलाह दी।उपस्थित गणमान्य व्यक्तिकार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमल मौर्य, नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती नेहा पच्चिसिया, डीएसपी (अजाक) सुश्री शिवा पाठक, थाना प्रभारी कुठला अखिलेश दाहिया, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
यह कार्यक्रम शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ विद्यार्थियों को साइबर दुनिया की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करने की दिशा में एक सराहनीय कदम माना जा रहा है।
सख्त लेकिन संवेदनशील’ पुलिसिंग का बेहतरीन उदाहरण बनकर उभरी है।
अब इस जनहित याचिका की अगली सुनवाई केंद्र सरकार के जवाब के बाद होगी।
प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार को मुख्य कारण माना जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जल्द ही इसकी जांच रिपोर्ट आने की उम्मीद है।
यह कार्यक्रम जिले में साइबर जागरूकता फैलाने और युवा पीढ़ी को डिजिटल खतरों से बचाने…
पुलिस पूरे मामले की आगे की जांच कर रही है।
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