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कटनी। मंदिर सेवा और आस्था के प्रतीक श्री पूरन महाराज (ATM महाराज) का सड़क हादसे में निधन, श्रद्धालुओं में शोक की लहर

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सेवा, श्रद्धा और समर्पण का एक अध्याय समाप्त हो गया, लेकिन पूरन महाराज की स्मृतियां मंदिर और श्रद्धालुओं के हृदय में सदैव जीवित रहेंगी।

सेवा, श्रद्धा और समर्पण का एक अध्याय समाप्त हो गया, लेकिन पूरन महाराज की स्मृतियां मंदिर और श्रद्धालुओं के हृदय में सदैव जीवित रहेंगी।

कटनी। शहर के धार्मिक जगत में गहरा शोक छा गया है। श्री श्री 1008 सिद्ध पीठ दक्षिण के बड़े हनुमान जी मंदिर के परम प्रिय सेवक श्री पूरन महाराज (ATM महाराज) का बुधवार शाम चदिया जाते समय सड़क दुर्घटना में दुखद निधन हो गया।दुर्घटना शाम करीब 5:30 बजे हुई। हादसा इतना भीषण था कि पूरन महाराज की मौके पर ही मृत्यु हो गई। उनकी अचानक हुई यह departure पूरे मंदिर परिवार और हजारों श्रद्धालुओं को गहरे दुःख में डुबो गई है।पूर्णन महाराज केवल मंदिर के एक सेवक नहीं थे, बल्कि उन्होंने अपना पूरा जीवन प्रभु की सेवा और मंदिर की व्यवस्था को समर्पित कर रखा था। वर्षों तक निस्वार्थ भाव, अनुशासन, सादगी और पूर्ण समर्पण के साथ उन्होंने मंदिर की सेवा की

उनके शांत स्वभाव, सहज व्यवहार और निरंतर सेवा भावना ने उन्हें मंदिर के सबसे प्रिय और सम्मानित सदस्य बना दिया था। श्रद्धालु उन्हें विश्वास और सेवा का प्रतीक मानते थे।मूलतः मझगवा (चदिया के पास) निवासी पूरन महाराज के निधन की खबर फैलते ही मंदिर परिसर में शोक की लहर दौड़ गई। श्रद्धालुओं और परिचितों ने उनके निधन को धार्मिक समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया।श्रद्धालुओं की भावनाएक श्रद्धालु ने कहा, “पूर्णन महाराज मंदिर में सिर्फ एक सेवक नहीं, बल्कि आस्था के प्रतीक थे। उनकी सेवा और उपस्थिति हमेशा याद रहेगी।”नगर के धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने भी इस घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।ईश्वर दिवंगत महाराज की आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार व श्रद्धालुओं को यह असहनीय दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

सेवा, श्रद्धा और समर्पण का एक अध्याय समाप्त हो गया, लेकिन पूरन महाराज की स्मृतियां मंदिर और श्रद्धालुओं के हृदय में सदैव जीवित रहेंगी।

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