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कटनी: फर्जी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र पर नौकरी पाने वाली शिक्षिका ज्योति गर्ग की सेवा समाप्त

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दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

कटनी । उच्च श्रेणी शिक्षक (इतिहास) पद पर दिव्यांग आरक्षण का गलत लाभ लेने वाली शिक्षिका ज्योति गर्ग की सेवा समाप्त कर दी गई है। लोक शिक्षण संचालनालय ने नियुक्ति नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए यह कार्रवाई की है।जांच में पाया गया कि ज्योति गर्ग ने नियुक्ति के समय श्रवण बाधित (Hearing Impaired) श्रेणी के अंतर्गत दिव्यांग आरक्षण का लाभ लिया था, जबकि उनकी वास्तविक दिव्यांगता अस्थि बाधित (Locomotor Disability) है। शासन स्तर पर कराए गए दिव्यांगता परीक्षण और दस्तावेजों की जांच में यह भी सामने आया कि उनकी दिव्यांगता मात्र 28 प्रतिशत है, जो आरक्षण के लिए निर्धारित बेंचमार्क से कम है।पति भी सरकारी शिक्षकसूत्रों के अनुसार ज्योति गर्ग के पति अश्वनी गर्ग वर्तमान में शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल बरही में शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं।

अन्य फर्जी प्रमाण-पत्रों की चर्चा तेजज्योति गर्ग पर की गई कार्रवाई के बाद जिले में फर्जी दिव्यांगता प्रमाण-पत्रों के आधार पर नौकरी हासिल करने वाले अन्य मामलों की चर्चा जोरों पर है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि ढीमरखेड़ा क्षेत्र में पदस्थ एक अन्य शिक्षक के विरुद्ध फर्जी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र समेत अन्य गंभीर शिकायतें पहले ही की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आरोपियों का कहना है कि मिलीभगत के कारण जांच प्रभावित हो रही है।निष्पक्ष जांच की मांगइस घटना के बाद अब जिले के अन्य संदिग्ध मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ समान कार्रवाई करने की मांग जोर पकड़ रही है। शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरियां हथियाने वालों के खिलाफ सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है।शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सभी संदिग्ध मामलों की जांच की जा रही है और

दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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