कटनी। बरही के निपानिया गांव में बाग में चरवाहे पर हमला कर दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी का माहौल है। वन विभाग में ग्रामीणों को सूचना दी है कि वह पूरी सुरक्षा के साथ जंगल में निकलें।यह घटना बुधवार की दोपहर करीब ढाई बजे की है। जिले के तहसील क्षेत्र बरही के आखिरी छोर में बांधवगढ़ बफर जोन से सटे गांव में मवेशी चरा रहे चरवाहे पर बाघ ने अटैक कर दिया। बाघ के अटैक से चरवाहा 28 वर्षीय बबलू पिता सुखलाल चक्रवर्ती लहूलुहान हो गया, लेकिन उसने हिम्मत नही हारी। उसकी चीख-पुकार सुनकर आस- पास के किसान दौड़े तो बाघ बबलू को छोड़कर जंगल की ओर लौट गया। बफर जोन से सटे राजस्व क्षेत्र में बाघ ने हमला किया है। बहरहाल बफर जोन के कर्मचारियों ने लहूलुहान बबलू को बरही अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां से प्राथमिक उपचार उपरान्त बेहतर इलाज के पीड़ित को कटनी रेफर किया गया है।
वहीं वन विभाग ने ग्रामीणों से जंगल में नहीं जाने के लिए कहा हैं। वन विभाग ने बताया कि बाघ ग्रामीण अंचलों में नहीं आ रहा है बल्कि ग्रामीण जंगल की ओर जा रहे हैं। इसलिए ग्रामीण फिलहाल जंगल की ओर नहीं जाएं। बहुत जरूरी है तो सतर्क होकर हाथों में मसाल लेकर ही जंगल जाएं। हाथों में मसाल जली होने पर बाघ उन पर शिकार नहीं करेगा। आग से सभी वन्य जीव डरते हैं।
बरही वन परिक्षेत्र के झिरिया, ददराटोला, कुआं, करौंदी सहित अन्य गांव में बाघ की चहलकदमी से दहशत का महौल रहता है। वहीं बाघों द्वारा हमला किए जाने के बाद से ग्रामीणों में दहशत है।
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