कटनी में करोड़ों का लैंड घोटाला: हाईकोर्ट के आदेश का दुरुपयोग कर अधिग्रहित सरकारी जमीन बेची, डन और उद्योगपति सुमित अग्रवाल पर गंभीर आरोप

हम इस मामले की आगे की जांच और अधिकारियों के बयान पर नजर रखे हुए हैं।

कटनी (मध्य प्रदेश), 1 अप्रैल 2026: कटनी में एक बार फिर बड़े पैमाने का भूमि घोटाला सामने आया है। शहर के चर्चित पीआर डन (पिता एमआर डन, निवासी बरगवां) पर आरोप है कि उन्होंने माननीय मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के एक पुराने आदेश का गलत इस्तेमाल कर नगर सुधार न्यास की योजना क्रमांक 3 और 17 के तहत अधिग्रहित जमीन को एनओसी लेकर करोड़ों रुपये में बेच दिया।इस मामले का खुलासा गत मंगलवार को प्रशासन की जनसुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता जितेश प्रताप सिंह ने किया।

इस मामले की पड़ताल katnicity.com ने की तो चौंकाने वाली कहानी सामने आई।पढ़िए विस्तृत रिपोर्ट जनसुनवाई में पहुंची इस शिकायत में दावा किया गया है कि खसरा नंबर 209/5 की 0.081 हेक्टेयर (लगभग 9 आरे या 10,000 वर्ग फुट) कीमती जमीन, जो राष्ट्रीय राजमार्ग से लगी हुई है, अभी तक अधिग्रहण मुक्त नहीं हुई थी। इसके बावजूद इसे उद्योगपति सुमित अग्रवाल की पत्नी श्रीमती सरिता अग्रवाल के नाम पर 1 अप्रैल 2022 को करोड़ों रुपये में बेच दिया गया।

आरोपों की मुख्य बातें:हाईकोर्ट के रिट याचिका क्रमांक 1286/13 में 31 मार्च 2015 को दिए गए आदेश में केवल खसरा नंबर 209/4 एवं 210/1 की 20,000 वर्ग फुट जमीन पर अतिक्रमण हटाने की बात थी। इस आदेश में खसरा 209/5 का कहीं कोई जिक्र नहीं था।फिर भी पीआर डन पर आरोप लगाया गया है कि नगर निगम के कुछअधिकारियों-कर्मचारियों से कथित मिलीभगत कर 24 दिसंबर 2018 को खसरा 209/5 के लिए एनओसी (अनापत्ति प्रमाण-पत्र) हासिल कर लिया।एनओसी में पटवारी हल्का नंबर गलत दर्ज किया गया (45/1 के बजाय सही 39 होना चाहिए था)।यह जमीन नगर सुधार न्यास की महत्वाकांक्षी योजना नंबर 3 और 17 के तहत पहले ही अधिग्रहित की जा चुकी थी

और आज भी अधिग्रहित है। अधिग्रहण मुक्त करने का कोई आदेश जारी नहीं हुआ है।शिकायतकर्ता जितेश प्रताप सिंह ने जनसुनवाई में कहा कि डन साहब ने हाईकोर्ट के आदेश का दुरुपयोग कर इस जमीन का सौदा शुरू किया और शहर के प्रतिष्ठित उद्योगपति सुमित अग्रवाल सहित अन्य लोगों को बेच दिया। अब इस जमीन पर बड़े-बड़े निर्माण कार्य चल रहे हैं।शिकायतकर्ता ने सभी विक्रय पत्रों को शून्य घोषित करने और जमीन को तुरंत सुरक्षित कराने की मांग की है।

उन्होंने शिकायती पत्र के साथ पूरे मामले के प्रमाणित दस्तावेज भी जिला प्रशासन और नगर निगम को सौंपे हैं।वर्तमान स्थितियह मामला लाल पहाड़ी क्षेत्र की लगभग 5 करोड़ रुपये की अनुमानित मूल्य वाली जमीन से जुड़ा है। शिकायत कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त तक पहुंच चुकी है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस इस गंभीर आरोपों की कितनी गहन जांच करती है और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।यह घटना कटनी में सरकारी योजनाओं की जमीनों की सुरक्षा और निगम की प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। यदि आरोप सही साबित हुए तो यह एक बड़ा लैंड स्कैम साबित हो सकता है।

हम इस मामले की आगे की जांच और अधिकारियों के बयान पर नजर रखे हुए हैं।

admin

Recent Posts

कटनी में विस्फोटक इकाइयों पर प्रशासन की सख्त नजर: पटाखा फैक्ट्रियों, मैगजीन और अमोनियम नाइट्रेट स्टोरों की सघन जांच

प्रशासन का संदेश: नियमों का पालन करने वाले इकाई संचालकों को पूर्ण सहयोग मिलेगा, लेकिन…

16 hours ago

बरतरा-बरतरी में नल-जल योजना बहाल: पेयजल आपूर्ति शुरू

कार्यपालन यंत्री श्री गुप्ता ने बताया कि जल आपूर्ति को सुचारू रखने के लिए विभाग…

16 hours ago

कटनी जिले में सख्ती: प्रतिबंध के बावजूद अवैध बोरिंग पर FIR, एक गिरफ्तारी

जल संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रशासन पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है।

17 hours ago

*कटनी-बीना रेलखंड पर ट्रेन की चपेट में आने से युवक की मौत, परिवार में शोक*

पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

17 hours ago

जिला पंचायत में सख्ती: चार ग्राम पंचायतों में 9.83 लाख की वित्तीय अनियमितता, CEO ने की वसूली के निर्देश

अधिकारियों का कहना है कि नियमित ऑडिट और डिजिटल निगरानी को बढ़ावा देकर ऐसी घटनाओं…

17 hours ago

एक ही दिन दो सनसनीखेज घटनाएं: विजयराघवगढ़ में दो खेतों में मिलीं युवती और युवक की लाशें

पुलिस की जांच जारीदोनों मामलों में पुलिस शवों के सही कारणों का पता लगाने के…

17 hours ago

This website uses cookies.