कटनी में डिजिटल और साइबर फॉरेंसिक साक्ष्यों पर एक दिवसीय विधिक कार्यशाला संपन्न

जिससे अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई संभव हो सकेगी।

कटनी, 15 मार्च 2026 – डिजिटल युग में तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की बढ़ती अहमियत को देखते हुए, लोक अभियोजन संचालनालय, मध्य प्रदेश, भोपाल के मार्गदर्शन में जिला अभियोजन संचालनालय, कटनी ने एक महत्वपूर्ण पहल की। आज होटल ऋषि रीजेंसी, कटनी में आयोजित एक दिवसीय जिला स्तरीय विधिक कार्यशाला में “डिजिटल एवं साइबर फॉरेंसिक साक्ष्यों के मूल्यांकन एवं उनकी न्यायिक सराहना से संबंधित पहलू” विषय पर गहन चर्चा हुई।कार्यशाला का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।

मुख्य अतिथियों में माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कटनी, माननीय अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी, कटनी तथा माननीय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, कटनी की गरिमामयी उपस्थिति रही। अतिथियों ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए डिजिटल एवं साइबर साक्ष्यों के संग्रह, परीक्षण, प्रस्तुतीकरण और अदालत में उनकी प्रभावी उपयोगिता पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया। उन्होंने जोर दिया कि आधुनिक अपराधों के खिलाफ मजबूत मुकदमेबाजी के लिए इन साक्ष्यों की वैज्ञानिक और विधिक समझ आवश्यक है।

कार्यशाला के पहले सत्र में माननीय विशेष न्यायाधीश (एन.डी.पी.एस. एक्ट), श्री संजय गुप्ता ने डिजिटल साक्ष्यों की प्रमाणिकता, स्वीकार्यता और न्यायालयीन परीक्षण के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने व्यावहारिक उदाहरणों के साथ बताया कि कैसे इलेक्ट्रॉनिक प्रमाणों को सुरक्षित रखकर उनकी विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सकती है।दूसरे सत्र में विषय विशेषज्ञ के रूप में श्रीमती रितिका साहनी आहूजा, लॉ प्रोफेसर, कटनी आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज (KACC), कटनी ने साइबर फॉरेंसिक साक्ष्यों के मूल्यांकन, इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों की कानूनी स्थिति तथा न्यायालयों में उनकी सराहना के व्यावहारिक एवं विधिक आयामों पर गहन चर्चा की।

उन्होंने प्रतिभागियों को आधुनिक टूल्स और प्रक्रियाओं से अवगत कराया।कार्यशाला में जिले के अभियोजन अधिकारी, कर्मचारी, प्रशिक्षक, प्रशिक्षणार्थी और सहायक सहित लगभग 40 प्रतिभागियों ने सक्रिय भाग लिया। समापन सत्र में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए और चाय के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।यह कार्यशाला डिजिटल अपराधों की बदलती प्रकृति के मद्देनजर अभियोजन तंत्र की क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक सराहनीय कदम साबित हुई। जिला अभियोजन संचालनालय, कटनी के प्रयासों से न्यायिक प्रक्रिया में साइबर साक्ष्यों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा,

जिससे अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई संभव हो सकेगी।

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