इससे पहले वर्ष 2017 में मॉडल रोड में माधवनगर गेट और विश्रामबाबा के बीच में दुगाड़ी नाले पुल के चौड़ीकरण के लिए निर्माण कराया जा रहा दूसरा पुल पहली बरसात में बह गया था। निर्माणाधीन पुल के बारिश में बहने के कारण अब उसकी गुणवत्ता पर भी सवाल उठने थे। 24 घंटों की बारिश से एक ओर जहां नगर निगम के दावों की पोल खोल गई तो वहीं दूसरी ओर नगर निगम के ठेकेदार निर्माण में गुणवत्ता किस तरह खिलवाड़ कर रहे हैं यह भी उजागर हो गया था।
27 अप्रैल को हुआ था भूमिपूजन 2017 माधवनगर से विश्राम बाबा के बीच दुगाड़ी नाला बना हुआ है। इस मार्ग को नगर निगम ने माडल रोड के रूप में निर्माण कराया। जिसके कारण सड़क की चौड़ी हो गई और दुगाड़ी नाले पर बना पुल सड़क की तुलना में संकरा हो गया। लिहाजा नगर निगम ने दुगाड़ी पुल चौड़ीकरण करने के नाम पर टेंडर जारी किया। लगभग दो महीने पहले 27 अप्रैल को नए पुल के लिए निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया था। महापौर, नगर निगम अध्यक्ष सहित नगर निगम के अधिकारियों की मौजूदगी में नए पुल की आधारशिला रख कर निर्माण कार्य शुरू कराया गया था।
पुल निर्माण के लिए 1 करोड़ 39 लाख रुपए का ठेका दिया गया था। पिछले दो महीनों से पुल का निर्माण कार्य कराया गया था। लेकिन निर्माणाधीन पुल पहली बरसात भी नहीं सहन कर पाया। बारिश ने पुल निर्माण को बहा दिया। बारिश के कारण पुल के बगल में बनाई गई दीवार भी ढह गई। अब डायवर्सन पुल ढहने के कारण जुगाड़ी नाला चर्चा में है।
मिशन चौक से झिझरी नाके तक आदर्श रोड का निर्माण कराया गया है। लेकिन इस सड़क पर बुनियादी तकनीकों का ध्यान नहीं रखा गया। यही वजह से है बारिश के दौरान पानी नालों से बहने की बजाय सड़क पर भरा रहता है। सड़क के दोनों ओर बनाए गए नाले की ऊंचाई सड़क से ऊंची है। जिसके कारण जल भराव होता है।
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