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फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी अब भारी पड़ेगी!

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निगम प्रशासन का आह्वान: सभी संस्थान तुरंत फायर सेफ्टी मानकों का पालन करें और बच्चों, छात्रों तथा नागरिकों की जान को जोखिम में डालने से बचें।

निगम प्रशासन का आह्वान: सभी संस्थान तुरंत फायर सेफ्टी मानकों का पालन करें और बच्चों, छात्रों तथा नागरिकों की जान को जोखिम में डालने से बचें।

कटनी (17 मई 2026) – जनसुरक्षा को लेकर नगर पालिक निगम कटनी ने अब सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। शहर के 14 शैक्षणिक संस्थानों और एक चिकित्सालय सहित कुल 15 संस्थानों पर अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के लिए प्रतिदिन 500 रुपये की दर से 9 लाख 97 हजार 500 रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है।निगम प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सात दिनों के अंदर जुर्माना जमा कर MP e-Nagar Palika पोर्टल पर फायर प्लान अप्रूवल के लिए आवेदन नहीं करने पर संबंधित भवनों को सील कर दिया जाएगा।

पूरी जिम्मेदारी संस्था संचालकों की होगी।निगम का सख्त संदेशकार्यपालन यंत्री श्री अंशुमान सिंह ने बताया कि नेशनल बिल्डिंग कोड 2016 के भाग-4 की कंडिका 1.2 के तहत आने वाले सभी बड़े भवनों में फायर सेफ्टी उपकरण अनिवार्य हैं।

इसके बावजूद कई संस्थानों ने न तो उपकरण लगाए और न ही फायर सेफ्टी प्रमाण-पत्र प्राप्त किया।निगम ने पहले भी समाचार पत्रों, सूचना पत्रों और अन्य माध्यमों से बार-बार सूचित किया था, लेकिन संबंधित संस्थानों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अब प्रशासन ने जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है।इन संस्थानों पर हुई कार्रवाईनोटिस जारी किए गए प्रमुख संस्थान निम्न हैं:

विष्णु वेद सरस्वती स्कूल (वार्ड 17)शासकीय तिलक महाविद्यालयकिड्स केयर स्कूल (वार्ड 16)अनामिका एकेडमी स्कूल (वार्ड 15)डायमंड इंग्लिश मीडियम स्कूल, माधव नगरशासकीय कन्या महाविद्यालयबार्डस्ले सीनियर सेकेंडरी स्कूललाइम सिटी इंटरनेशनल स्कूलनालंदा पब्लिक स्कूललाला मथुरादास शिक्षा समिति (वार्ड 11)बारडोली महाविद्यालय, कावसजी वार्डकुंदन दास हायर सेकेंडरी स्कूलकटनी डिग्री कॉलेज, जगमोहन दास वार्डसीक्रेट हार्ट स्कूलबाबा माधव शाह चिकित्सालयक्यों जरूरी है फायर सेफ्टी?

निगम प्रशासन का कहना है कि अग्नि सुरक्षा व्यवस्था में कोई भी कमी घातक हादसों का कारण बन सकती है। इसलिए शहर के सभी शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों और बड़े भवनों में फायर ऑडिट, उपकरण स्थापना और प्रमाण-पत्र प्राप्त करना अब अनिवार्य है।यह अभियान केवल जुर्माना वसूली तक सीमित नहीं है, बल्कि कटनी को सुरक्षित शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

निगम प्रशासन का आह्वान: सभी संस्थान तुरंत फायर सेफ्टी मानकों का पालन करें और बच्चों, छात्रों तथा नागरिकों की जान को जोखिम में डालने से बचें।

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