मेमू ट्रेन में अवैध वेंडरों का आतंक: धारदार हथियार से यात्रियों पर हमला, बकलेहटा स्टेशन पर एक घंटे तक ट्रेन खड़ी
अब देखना होगा कि रेलवे और पुलिस इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
अब देखना होगा कि रेलवे और पुलिस इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

कटनी (न्यूज़ एमपी एक्सप्रेस): कटनी से बीना जा रही मेमू ट्रेन (संख्या 61620) शनिवार शाम हिंसा का शिकार हो गई। ट्रेन के अंदर अवैध वेंडरों और यात्रियों के बीच मामूली विवाद इतना उग्र हो गया कि वेंडरों ने धारदार हथियारों से यात्रियों पर हमला बोल दिया। इस घटना में दो यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।घटना के चलते ट्रेन रीठी थाना क्षेत्र के बकलेहटा स्टेशन पर करीब एक घंटे तक रुकी रही, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई और स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
घटना का क्रमप्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रेन कटनी से रवाना होने के कुछ देर बाद सालीया के अवैध वेंडरों और दमोह के यात्रियों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई। यह विवाद जल्द ही मारपीट में बदल गया। आरोप है कि वेंडरों ने न केवल यात्रियों को पीटा, बल्कि धारदार हथियार (चाकू जैसी वस्तु) से उन पर हमला कर दिया, जिसमें दो यात्रियों को गंभीर चोटें आईं।शाम करीब 7:30 बजे जब ट्रेन बकलेहटा स्टेशन पहुंची, तो आक्रोशित युवकों ने ट्रेन से उतरकर इंजन में घुसने की कोशिश की।
इसके बाद दोनों पक्षों के बीच जमकर पथराव हुआ, जिससे स्टेशन पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। सुरक्षा कारणों से ट्रेन चालक को ट्रेन रोकनी पड़ी।पुलिस कार्रवाईघटना की सूचना मिलते ही रीठी थाना प्रभारी मो. शाहिद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस के पहुंचने से पहले ही अधिकांश आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। घायल यात्रियों को डायल 112 की मदद से तुरंत रीठी अस्पताल पहुंचाया गया।करीब एक घंटे की देरी के बाद रात 8:30 बजे पुलिस सुरक्षा में ट्रेन को आगे रवाना किया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए कटनी से आरपीएफ और जीआरपी की टीमें भी मौके पर पहुंच गईं।प्रशासनिक प्रतिक्रियारेलवे अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों की पहचान की जा रही है और ट्रेनों में अवैध वेंडिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर रेलवे में सुरक्षा व्यवस्था और अवैध वेंडरों पर अंकुश की कमी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।यात्रियों का कहना है कि मेमू ट्रेनों में अवैध वेंडरों का आतंक बढ़ता जा रहा है, जिससे आम यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।
अब देखना होगा कि रेलवे और पुलिस इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
