कटनी (07 मई 2026) — थाना कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी के एक नए तरीके को अपनाने वाले झारखंड के अंतरराज्यीय गिरोह को सफलता पूर्वक पकड़ लिया है। गिरोह के सदस्य भीड़-भाड़ वाले स्थानों में लोगों के मोबाइल चुराते थे और फिर चोरी की सिम से यूपीआई एक्टिवेट कर खातों से लाखों रुपये ट्रांसफर कर लेते थे।इस मामले में 67 वर्षीय सुरेंद्र कुमार परौहा (निवासी चाका, थाना कुठला) ने 20 मार्च 2026 को सब्जी मंडी कटनी में सब्जी खरीदते समय अपने मोबाइल फोन की चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। बाद में जब उन्होंने नई सिम निकाली तो पता चला कि उनके पंजाब नेशनल बैंक खाते से 1,04,900 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर लिए गए थे।
पुलिस ने की साइबर ट्रेलविवेचना के दौरान साइबर सेल कटनी की मदद से ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटाई गई। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा केpersonal संज्ञान और निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक राखी पांडे की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर छानबीन की। टीम ने कटनी के अलावा सतना, मैहर, सागर और जबलपुर में भी इस गिरोह की गतिविधियां होने की पुष्टि की।गिरफ्तारीरेलवे स्टेशन प्लेटफॉर्म नंबर 5 के पास से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सभी ने जुर्म स्वीकार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी:सागर कुमार यादव (26 वर्ष), पुत्र हरिशंकर यादव, निवासी कटहरी, पो.आ. कल्याणचक, थाना राजमहल, जिला साहिबगंज, झारखंडअनीता देवी (45 वर्ष), पत्नी हरिशंकर यादव, निवासी कटहरी, पो.आ. कल्याणचक, थाना राजमहल, जिला साहिबगंज, झारखंडविधिउल्लंघनकारी बालक (11 वर्ष), निवासी गंगटिया, थाना राजमहल, जिला साहिबगंज, झारखंडपुलिस के अनुसार, यह गिरोह मुख्य रूप से सब्जी मंडी, रेलवे स्टेशन और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों को निशाना बनाता था।
काम पूरा करने के बाद आरोपी अलग-अलग शहरों में छिप जाते थे और कुछ दिनों बाद फिर सक्रिय हो जाते थे।
पुलिस टीम की सराहनाइस सफल कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया और नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती नेहा पच्चीसिया के मार्गदर्शन में निरीक्षक राखी पांडे, उपनिरीक्षक किशोर कुमार द्विवेदी, सउनि. रामेश्वर प्रसाद पटेल, प्रवीण सिंह, विवेक मिश्रा एवं साइबर सेल के आर. सतेन्द्र सिंह की सराहनीय भूमिका रही।
कानून व्यवस्था बनाए रखने के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
यातायात नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें
आगामी दिनों में संगठन को और विस्तार देने में मददगार साबित होगा।
लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में यातायात पुलिस की सतर्कता को दर्शाती है।
ऐसे किसी भी मामले की जानकारी मिलने पर तुरंत निकटतम पुलिस थाने या कंट्रोल रूम…
साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पोर्टल…
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