कटनी (मध्य प्रदेश): नशे में वाहन चलाने की सजा स्वीकार करने को तैयार एक गरीब युवक को अपनी मोटरसाइकिल वापस पाने के लिए अपनी पुश्तैनी एक एकड़ कृषि भूमि गिरवी रखनी पड़ गई। यह घटना कटनी जिले के बरही थाना क्षेत्र की है, जहां कानूनी प्रक्रिया की जटिलता और आर्थिक मजबूरी ने एक परिवार को आजीविका के संकट में धकेल दिया है।घटना क्या है?भजिया गांव निवासी विक्रम कोल 6 मई को रिश्तेदारों को शादी का कार्ड देने पिपरिया कला जा रहे थे।
पिपरिया कला स्थित शासकीय राशन दुकान के पास बरही पुलिस की वाहन चेकिंग के दौरान उनकी बाइक रोकी गई। जांच में पुलिस ने उन्हें धारा 185 (नशे में वाहन चलाना) के तहत मामला दर्ज कर बाइक जब्त कर ली।विक्रम की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। कोर्ट में केस चलाने, वकील फीस और जुर्माने का खर्च उठाना उनके लिए असंभव था। बाइक उनके लिए न सिर्फ आवागमन का साधन, बल्कि रोजगार और आजीविका का महत्वपूर्ण हिस्सा थी।
मजबूरी में परिवार ने गांव के ही एक व्यक्ति के पास अपनी एक एकड़ पुश्तैनी कृषि भूमि गिरवी रखकर पैसे जुटाए और दस्तावेज लेकर थाने पहुंचा।थाने में मौजूद पुलिसकर्मी भी इस बेबसी को देखकर हैरान रह गए।पुलिस का पक्षबरही पुलिस ने बताया कि“पुलिस ने पूरी तरह नियमों के अनुसार कार्रवाई की है। चेकिंग के दौरान नशे की पुष्टि होने पर धारा 185 के तहत मामला दर्ज किया गया।
अब वाहन की सुपुर्दगी (release) केवल कोर्ट की प्रक्रिया से ही हो सकती है। हमने सिर्फ अपना कर्तव्य निभाया है।”
कानून व्यवस्था बनाए रखने के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
यातायात नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें
आगामी दिनों में संगठन को और विस्तार देने में मददगार साबित होगा।
लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में यातायात पुलिस की सतर्कता को दर्शाती है।
ऐसे किसी भी मामले की जानकारी मिलने पर तुरंत निकटतम पुलिस थाने या कंट्रोल रूम…
साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पोर्टल…
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