स्कूल चलें हम अभियान में कलेक्टर आशीष तिवारी ने निभाई शिक्षक की भूमिका, बताया शिक्षा का असली महत्व कटनी (25 जून 2026) — व्यस्त प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच कलेक्टर श्री आशीष तिवारी गुरुवार को विद्यार्थियों के बीच पहुंचे और अधिकारी की बजाय एक स्नेही शिक्षक व मार्गदर्शक बन गए। शासकीय माध्यमिक शाला रॉबर्ट लाइन, माधवनगर में ‘स्कूल चलें हम अभियान’ के तहत आयोजित शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में उन्होंने छात्रों के सपनों को नई उड़ान दी और शिक्षा के महत्व पर जोर दिया।छात्रों से आत्मीय संवादकलेक्टर श्री तिवारी ने कक्षा में छात्रों के बीच बैठकर उनसे सीधा संवाद किया। उन्होंने पूछा — “बड़े होकर तुम क्या बनना चाहते हो?”छात्रों ने उत्साह से जवाब दिए — कोई सैनिक बनकर देशसेवा करना चाहता था,
तो कोई डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक या पुलिस अधिकारी बनने का सपना रखता था।कलेक्टर ने कहा, “सपने देखना अच्छा है, लेकिन उन्हें पूरा करने का रास्ता है — कठिन परिश्रम, अनुशासन और रोज स्कूल आना।” उन्होंने छात्रों को नियमित रूप से स्कूल आने, मन लगाकर पढ़ने और माता-पिता व शिक्षकों का सम्मान करने की प्रेरणा दी।विज्ञान को बनाया रोचक शिक्षा को मजेदार बनाने के लिए कलेक्टर ने मौसमों की चर्चा की और लीप वर्ष (Leap Year) की अवधारणा बहुत ही सरल उदाहरणों से समझाई। छात्रों से उनकी पसंदीदा ऋतु पूछने पर अधिकांश ने सर्दी का मौसम बताया। सही जवाब देने वाले छात्रों को चॉकलेट, पेन, पेंसिल, कॉपी, स्केल और रबर देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
छात्रावास पहुंचकर लिया बच्चों का हालविद्यालय भ्रमण के बाद कलेक्टर श्री तिवारी रॉबर्ट लाइन बालक छात्रावास पहुंचे। यहां उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई, रहन-सहन और दिनचर्या के बारे में चर्चा की। छात्रों को स्कूल बैग वितरित किए और छात्रावास की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।पौधारोपण कर दिया प्रकृति संरक्षण का संदेशकार्यक्रम के दौरान कलेक्टर ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत विद्यालय परिसर में पौधा रोपा। उन्होंने छात्रों से कहा कि मां की तरह पेड़ भी हमें जीवन और संरक्षण देते हैं, इसलिए हर बच्चे को एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करनी चाहिए।मौजूद रहेइस अवसर पर डीईओ सच्चिदानंद पांडे, डीपीसी प्रेमनारायण तिवारी, सहायक संचालक राजेश अग्रहरि, एडीपीसी अभय जैन सहित
अन्य शिक्षक और अधिकारी उपस्थित रहे।
यह कार्यक्रम शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ विद्यार्थियों को साइबर दुनिया की चुनौतियों…
सख्त लेकिन संवेदनशील’ पुलिसिंग का बेहतरीन उदाहरण बनकर उभरी है।
अब इस जनहित याचिका की अगली सुनवाई केंद्र सरकार के जवाब के बाद होगी।
प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार को मुख्य कारण माना जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जल्द ही इसकी जांच रिपोर्ट आने की उम्मीद है।
यह कार्यक्रम जिले में साइबर जागरूकता फैलाने और युवा पीढ़ी को डिजिटल खतरों से बचाने…
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