कटनी – थाना स्लीमनाबाद पुलिस ने हनुमान मंदिर तेवरी में देवता के गले से चांदी का पान का पत्ता व चैन चुराने वाले आरोपी को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री संतोष डेहरिया के कुशल निर्देशन एवं श्रीमती आकांक्षा चतुर्वेदी, एसडीओपी स्लीमनाबाद के मार्गदर्शन में थाना स्लीमनाबाद की टीम ने यह कार्रवाई की।घटना का विवरण:दिनांक 24 जनवरी 2026 को ग्राम तेवरी निवासी जगदीश प्रसाद पारस (पिता स्व. छोटे लाल पारस) ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सुबह करीब 8:30 बजे पंडित पीयूष उर्फ शैलू बाजपेयी पूजा करने मंदिर पहुंचे तो देखा कि हनुमान जी के गले में पहना चांदी का पान का पत्ता व चांदी की चैन गायब थी।
कुल कीमत लगभग 80,000 रुपये की चोरी हुई थी।विवेचना के दौरान चौकी झिंझरी, थाना माधवनगर में चोरी के एक अन्य मामले में गिरफ्तार प्रकाश उर्फ अभिषेक दुबे (उम्र 20 वर्ष, निवासी आनाथालय अयोध्या नगर, भोपाल, हाल उड़िया मोहल्ला, थाना एन.के.जे., कटनी) से पूछताछ की गई। आरोपी ने तेवरी हनुमान मंदिर में चोरी करने की बात स्वीकार की।आरोपी के कब्जे से चांदी का पान का पत्ता एवं चांदी की चैन बरामद कर ली गई। आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे जिला जेल कटनी भेज दिया गया।
आरोपी आदतन अपराधीप्रकाश उर्फ अभिषेक दुबे के विरुद्ध थाना कोतवाली, माधवनगर, कुठला, एन.के.जे., बड़वारा (कटनी) तथा जिला उमरिया एवं सिहोरा में कई संपत्ति संबंधी अपराध पहले से दर्ज हैं।सराहनीय कार्यइस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी सुदेश कुमार, उपनिरीक्षक अनिल यादव, उपनिरीक्षक काशीराम झारिया, प्र.आर. 509 प्रेमशंकर पटेल, आर. 218 अभिषेक राजावत, आर. 705 सौरभ पटेल एवं आर. 761 विवेक झारिया की सराहनीय भूमिका रही।
कटनी पुलिस आम जनता के विश्वास को बनाए रखते हुए अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करती रहेगी।
कानून व्यवस्था बनाए रखने के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
यातायात नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें
आगामी दिनों में संगठन को और विस्तार देने में मददगार साबित होगा।
लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में यातायात पुलिस की सतर्कता को दर्शाती है।
ऐसे किसी भी मामले की जानकारी मिलने पर तुरंत निकटतम पुलिस थाने या कंट्रोल रूम…
साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पोर्टल…
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