कटनी (24 जून 2026) – कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर सख्त रुख अपनाते हुए दो नायब तहसीलदारों पर कुल 3 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही नापतौल विभाग के एक निरीक्षक के विरुद्ध कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दे दिए गए हैं।जांच में पाया गया कि निर्धारित समय-सीमा के अंदर आवेदनों का निपटारा नहीं किया गया। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जुर्माने की राशि संबंधित अधिकारियों के जून माह के वेतन से काटकर सरकारी खाते में जमा की जाए और प्रभावित आवेदकों को मुआवजे के रूप में भुगतान किया जाए।कौन-कौन हुआ दोषी?नायब तहसीलदार सिंगौड़ी एवं देवराकला श्री राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव – 8 आवेदनों में विलंब, ₹2,000 जुर्माना।
नायब तहसीलदार कन्हवारा एवं मझगवां सुश्री अवंतिका तिवारी – 4 आवेदनों में विलंब, ₹1,000 जुर्माना।दोनों अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भेजा गया था, लेकिन उनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। इसके बाद कलेक्टर ने जुर्माना अधिरोपित किया।नापतौल निरीक्षक पर भी गाजनापतौल विभाग के निरीक्षक श्री माजिद खान के विरुद्ध भी कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। पोर्टल समीक्षा में उनके स्तर पर 100 आवेदन समय-सीमा के बाद लंबित पाए गए। इस मामले में लोक सेवा गारंटी अधिनियम की धारा-7 के तहत दंडात्मक कार्रवाई के लिए प्रकरण द्वितीय अपीलीय अधिकारी एवं नापतौल विभाग के नियंत्रक को भेज दिया गया है।कलेक्टर का सख्त निर्देशकलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने सभी प्रथम अपीलीय अधिकारियों एवं एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत सौंपी गई सेवाओं का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करें। भविष्य में लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।यह कार्रवाई आम नागरिकों को समय पर सेवा देने की दिशा में प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
लोक सेवा गारंटी अधिनियम का उद्देश्य ही जनसेवा को तेज, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है।
कानून व्यवस्था बनाए रखने के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
यातायात नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें
आगामी दिनों में संगठन को और विस्तार देने में मददगार साबित होगा।
लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में यातायात पुलिस की सतर्कता को दर्शाती है।
ऐसे किसी भी मामले की जानकारी मिलने पर तुरंत निकटतम पुलिस थाने या कंट्रोल रूम…
साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पोर्टल…
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